किंग के पहले विवाद में शाहरुख खान, हिंदू विरोधी मानसिकता के आरोप में फिल्म बॉयकॉट करने की मांग

Shah Rukh Khan: KKR में बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्ताफिजुर रहमान को लेने पर विवाद बढ़ा। BJP विधायक और संतों ने शाहरुख खान पर हिंदू विरोधी मानसिकता का आरोप लगाते हुए उनकी फिल्में बॉयकॉट करने की मांग की।
Shah Rukh Khan Anti-Hindu Controversy
Shah Rukh Khan (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
Updated on

Shah Rukh Khan Anti-Hindu Controversy: शाहरुख खान की आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) में बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्ताफिजुर रहमान को शामिल किए जाने के बाद से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए कथित अत्याचारों के बाद इस फैसले को लेकर हिंदू संगठनों और बीजेपी नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है। प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने सबसे पहले इस फैसले के खिलाफ आवाज़ उठाई थी, और अब यह मामला राजनीति और धार्मिक गलियारों तक पहुँच गया है, जिसमें शाहरुख खान और उनकी आने वाली फिल्मों को बॉयकॉट करने तक की मांग होने लगी है।

बीजेपी विधायक करनैल सिंह ने KKR के इस फैसले को गंभीर बताया है। उनका कहना है कि देश में प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन बॉलीवुड के बड़े अभिनेताओं की 'मानसिकता' पर सवाल उठता है।

हिंदू विरोधी मानसिकता का आरोप

करनैल सिंह ने बॉलीवुड स्टार्स की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए शाहरुख खान पर सीधे हिंदू विरोधी मानसिकता रखने का आरोप लगाया है।

चुप्पी पर सवाल: उन्होंने कहा कि जब बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार और नरसंहार हो रहे हैं, तब ये लोग चुप रहते हैं, लेकिन भारत में किसी छोटी सी बात पर तुरंत रिएक्ट करते हैं।

देशभक्ति की वफादारी: सिंह ने कहा कि शाहरुख खान को समझना चाहिए कि जिस देश में वह रहते हैं, उन्हें उसी देश के लिए वफादारी निभाना सीखना चाहिए। उन्होंने अभिनेता को अपने रवैये में सुधार करने की सलाह दी।

बांग्लादेश जाने की सलाह: उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अगर किसी को बांग्लादेशी खिलाड़ियों की इतनी चिंता है, तो उन्हें खुद बांग्लादेश चले जाना चाहिए। उनका कहना है कि भारत में रहने वाले हर व्यक्ति को 'जय श्री राम' कहना और देश के प्रति वफादारी निभाना सीखना जरूरी है।

'हमेशा ही इनका हिंदू विरोधी एजेंडा रहा है'

सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी के संत देवेशाचार्य महाराज ने भी देवकीनंदन ठाकुर के बयान का पुरजोर समर्थन किया।

अत्याचार पर चुप्पी: उन्होंने कहा कि इस समय बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं, और ऐसे समय में अगर उस देश का खिलाड़ी भारत में खेल रहा है, तो यह चिंताजनक है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या शाहरुख खान ने कभी उन हिंदुओं के लिए ट्वीट किया या उनके बारे में सोचा जो वहां प्रताड़ित हो रहे हैं।

विरोध की मांग: देवेशाचार्य महाराज ने कहा कि "हमेशा ही इनका हिंदू विरोधी एजेंडा रहा है," इसलिए पूरे भारत में शाहरुख खान और उनकी टीम का विरोध होना चाहिए और उनकी फिल्मों का बॉयकॉट किया जाना चाहिए।

शाहरुख से फैसला वापस लेने की अपील

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय दी है। उन्होंने आईएएनएस से बात करते हुए शाहरुख खान को सम्मान और पहचान भारत से मिलने की याद दिलाई।

राष्ट्रहित का सम्मान: महंत रविंद्र पुरी ने कहा, "उन्हें देशवासियों की भावनाओं और राष्ट्रहित का पूरा सम्मान करना चाहिए। देश विरोधी सोच या ऐसे निर्णय, जो देश की भावनाओं के खिलाफ हों, किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किए जाएंगे।"

मांग: उन्होंने शाहरुख खान से अपने इस फैसले को वापस लेने की अपील की।

गौरतलब है कि शाहरुख खान अब फिल्म 'किंग' में नजर आएंगे, जो साल 2026 में सिनेमाघरों में दस्तक देगी।

Navbharat Live
navbharatlive.com