

Sehban Azim CJP Protest: राजधानी दिल्ली का दिल कहा जाने वाला जंतर-मंतर एक बार फिर तीखी झड़पों और गूंजते नारों का गवाह बना, जहां कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के विरोध प्रदर्शन अचानक हिंसक मोड़ पर पहुंच गया। इस विरोध प्रदर्शन में छात्रों की आवाज बुलंद करने पहुंचे फेमस टेलीविजन एक्टर सेहबान अजीम को भी पुलिस की बर्बरता का शिकार होना पड़ा। अपनी एक्टिंग से लाखों दिलों पर राज करने वाले कलाकार को जब लाठियों के प्रहार सहने पड़े, तो इस घटना ने पूरे घटनाक्रम को एक नया और गंभीर मोड़ दे दिया।
प्रदर्शनकारी छात्र अपनी जायज मांगों को लेकर संसद की तरफ कदम बढ़ा रहे थे, लेकिन सुरक्षा बलों ने रास्ते में ही रुकावट खड़े कर दिए थे। आंदोलनकारियों का जत्था अभी मुख्य प्रदर्शन स्थल तक पूरी तरह पहुंच भी नहीं पाया था कि पुलिस प्रशासन ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। अचानक लाठियां बरसानी शुरू कर दी गईं। भीड़ में फंसे लोगों के पास बचने का कोई सुरक्षित रास्ता तक मौजूद नहीं था, जिससे वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
इस घटना के दौरान अपनी जान की परवाह न करते हुए सेहबान अजीम ने मिसाल पेश की। मुंबई से आईं अपनी 2 महिला मित्रों और युवा छात्रों को पुलिस की लाठियों से बचाने की कोशिश में एक्टर खुद पुलिस के निशाने पर आ गए।
पुलिस कर्मियों ने सेहबान अजीम पर एक के बाद एक कई वार किए, जिससे उनके हाथ, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। सेहबान अजीम के हाथों में काफी सूजन आ गई है और उन्हें काफी दर्द का सामना करना पड़ रहा है, फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।
घटना के बाद अपनी आपबीती बयां करते हुए सेहबान अजीम ने पुलिस के रवैये पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। उनका स्पष्ट मानना है कि यह कोई अचानक उठाया गया कदम नहीं था, बल्कि प्रदर्शनकारियों का मनोबल तोड़ने के लिए जानबूझकर की गई कार्रवाई थी।
सुरक्षा बलों को इस बात का जरा भी ध्यान नहीं था कि उनके सामने छोटे बच्चे, महिलाएं या निहत्थे नागरिक खड़े हैं। उनका एकमात्र मकसद हिंसा के बल पर लोगों को खदेड़ना और उनकी आवाज को दबाना प्रतीत हो रहा था।
जंतर-मंतर से प्रदर्शन में हुई लाठी-चार्ज की तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग गुस्सा व्यक्त कर रहे हैं। टीवी और फिल्म के कई जाने-माने सितारों ने पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है।
करण कुंद्रा, एल्विश यादव, शोएब इब्राहिम और उर्फी जावेद जैसी प्रमुख हस्तियों ने छात्रों और आम लोगों पर हुए इस अत्याचार के खिलाफ खुलकर अपनी आवाज उठाई है।