

Sara Ali Khan Fatwa Controversy: फिल्म केदारनाथ में मुख्य भूमिका निभाने वाली एक्ट्रेस सारा अली खान इन दिनों काफी सुर्खियों में हैं। पिछले कई सालों से केदारनाथ भगवान के दर्शन करने पहुंचने वाली सारा की मुश्किलें इस बार बढ़ती हुई नजर आ रही है।
उत्तर प्रदेश के इस्लामिक मौलवी मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने सारा अली खान के केदारनाथ जाने की आलोचना की है। यही नहीं उन्होंने सारा अली खान के खिलाफ फतवा भी जारी कर दिया है। दरअसल, 25 अक्टूबर को सारा अली खान को केदारनाथ मंदिर में दर्शकों की कतार में स्पॉट किया गया था।
इस्लामिक मौलवी मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि किसी दूसरे धर्म के अनुसार पूजा करना शरिया के तहत जायज नहीं है और हराम है। उन्होंने सारा से अल्लाह के सामने तौबा (माफी) मांगने को भी कहा और कहा कि उन्हें एक दोषी व्यक्ति की तरह ऐसा करना चाहिए। मौलवी ने कहा कि कई युवाओं ने मुझसे पूछा है कि क्या सारा का केदारनाथ में पूजा करना शरिया के तहत जायज है, तो मैं उन्हें साफ कर देना चाहता हूं कि ऐसे काम जायज नहीं हैं।
ऐसा पहली बार नहीं है कि जब सारा अली खान केदारनाथ जाने को लेकर घिरी हैं। इससे पहले भी उन्हें धार्मिक हस्तियों की आलोचना का सामना करना पड़ा है। हाल ही में हुआ विवाद उस फतवे को लेकर है, जो किसी इस्लामिक विद्वान द्वारा इस्लामिक कानून के किसी सवाल पर दी गई एक धार्मिक राय या फैसला होता है।
साल 2018 में रिलीज हुई फिल्म केदारनाथ की शूटिंग के लिए सारा अली खान पहली बार अगस्त-सितंबर 2017 में केदारनाथ धाम पहुंची थी। साल 2017 के बाद से लगातार सारा अली खान केदारनाथ मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचती है। साथ ही सारा अली खान उत्तराखंड के पंच केदार में से एक मध्यमहेश्वर के भी दर्शन कर चुकी हैं।
सारा अली खान के खिलाफ जारी हुए फतवे के बाद हिंदू धर्मगुरू उनके सपोर्ट में सामने आए हैं। जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने सारा अली खान का समर्थन करते हुए कहा कि सारा अली खान एक बहादुर बेटी है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि भारत सभी को पूजा की आज़ादी देता है।