टीवी की ‘द्रौपदी’ रूपा गांगुली दर्द से उठकर बनीं हौसले की मिसाल, जानें एक्ट्रेस की दिलचस्प स्टोरी

Roopa Ganguly Birthday: रूपा गांगुली ने बंगाली फिल्मों से करियर शुरू किया, लेकिन बी आर चोपड़ा के महाभारत में द्रौपदी की भूमिका ने उन्हें घर-घर मशहूर कर दिया। पर्दे के पीछे उनकी जिंदगी दर्द से भरी रही।
TV Draupadi Roopa Ganguly rose from pain to become an example of courage
टीवी की ‘द्रौपदी’ रूपा गांगुली दर्द से उठकर बनीं हौसले की मिसाल
Published on
Updated on

Roopa Ganguly Birthday Special Story: बॉलीवुड एक्ट्रेस रूपा गांगुली का जन्म 25 नवंबर 1966 को हुआ था। रूपा आज अपना 59वां जन्मदिन मना रही हैं। रूपा आज प्रेरणा का स्त्रोत हैं, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने अनेक दर्दनाक दौरों से गुजरकर खुद को मजबूत बनाया। अभिनय, राजनीति और महिला अधिकारों की आवाज उठाने के कारण वह आज एक सशक्त पहचान रखती हैं।

रूपा गांगुली ने अपने करियर की शुरुआत बंगाली फिल्मों से की थी, लेकिन उनके जीवन का असली मोड़ तब आया जब उन्हें बी.आर. चोपड़ा के टीवी शो ‘महाभारत’ में द्रौपदी की भूमिका मिली। इस किरदार ने उन्हें देशभर में लोकप्रियता दिलाई और आज भी लोग उन्हें टीवी की ‘द्रौपदी’ के नाम से पहचानते हैं। उनके अभिनय की गंभीरता और दमदार अभिव्यक्ति ने उन्हें एक अलग श्रेणी में स्थापित किया।

तीन बार आत्महत्या का किया प्रयास

हालांकि पर्दे के पीछे उनकी निजी जिंदगी बेहद कठिन रही। साल 1992 में उन्होंने ध्रुबो मुखर्जी से शादी की, लेकिन यह रिश्ता उनके जीवन का सबसे कष्टदायक अध्याय साबित हुआ। पति के खराब व्यवहार और मानसिक तनाव के चलते रूपा इतनी टूट गईं कि उन्होंने तीन बार आत्महत्या का प्रयास किया। लेकिन किस्मत हर बार उन्हें बचाती रही।

दिव्येंदु मुखर्जी से मिला प्रेम और सम्मान

1997 में बेटे आकाश के जन्म ने उन्हें आत्मविश्वास दिया और उन्होंने जीवन को एक नया मौका देने का फैसला किया। वह एक बार फिर अभिनय जगत में लौटीं, खुद को संभाला और अपने करियर को नई दिशा दी। पति से अलग होने के बाद वह मुंबई आ गईं। इसी दौरान उन्हें बंगाली गायक दिव्येंदु मुखर्जी से प्रेम और सम्मान मिला। हालांकि यह रिश्ता बाद में शादी तक नहीं पहुंचा, लेकिन आज भी दोनों के बीच सम्मानपूर्ण संबंध है।

महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों की लड़ती हैं लड़ाई

रूपा ने अपने बेटे को पिता की कस्टडी में ही रहने दिया, क्योंकि उनका मानना था कि बच्चे का भला तभी है। अब जब बेटा बड़ा हो चुका है, वह अपनी मां को पूरी तरह समझता है और दोनों के बीच बेहद प्यारभरा रिश्ता है। अभिनय के साथ-साथ रूपा महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर भी मुखर रहीं। इसी कारण 2015 में वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुईं और 2016 में राज्यसभा के लिए मनोनीत की गईं। संसद से लेकर सड़क तक रूपा महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों की लड़ाई लड़ती रही हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com