रामायण फिल्म बनाने पर उठ रहे हैं सवालों के बीच निर्माता नमित मल्होत्रा ने ट्रोलर्स को दिया करारा जवाब

Ramayana Film Controversy: प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने स्वीकार किया है कि उन्होंने इस पौराणिक गाथा फिल्म रामायण को वैश्विक मंच पर आधुनिक तकनीक के साथ पेश करने के अपने विजन का पुरजोर बचाव किया है।
Ramayana Film Controversy
फिल्म रामायण(फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Highlights

  • नमित मल्होत्रा ने नई फिल्म रामायण बनाने के पीछे का मकसद बताया।

  • रणबीर कपूर भगवान राम और साई पल्लवी माता सीता के किरदार में हैं।

  • आधुनिक वीएफएक्स और तकनीक के जरिए रामायण को ग्लोबल दर्शकों तक पहुंचाने की तैयारी है।

Namit Malhotra Ramayana Movie: डायरेक्टर नितेश तिवारी के डायरेक्शन में बन रही फिल्म 'रामायण' इन दिनों हर तरफ चर्चा का विषय बनी हुई है। इस प्रोजेक्ट में एक्टर रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में नजर आने वाले हैं, जबकि साई पल्लवी माता सीता और यश रावण के किरदार को जीवंत करते दिखेंगे।

जैसे-जैसे इस बड़े प्रोजेक्ट की रिलीज का समय पास आ रहा है, वैसे-वैसे इसके निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर खुलकर बातचीत शुरू हो गई है। फिल्म मेकर नमित मल्होत्रा ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उन तीखे सवालों का सामना किया है जो अक्सर आम जनता और सिने प्रेमियों के जेहन में उठते रहते हैं।

किसलिए बन रही है एक और रामायण

जब देश में पहले से ही रामायण पर आधारित कई सीरियल और फिल्में मौजूद हैं, तो एक बार फिर इस गाथा को नए सिरे से पर्दे पर लाने की क्या जरुरत थी? यह एक ऐसा सवाल है जो आज के दौर में हर आम दर्शक के मन में स्वाभाविक रूप से कौंधता है।

प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने इस बात को खुले तौर पर स्वीकार किया है कि भारत के तमाम लोग उनसे और उनकी टीम से यही सवाल पूछते हैं। उन्होंने साफ किया कि इस प्राचीन महाकाव्य की कहानी पीढ़ियों पुरानी है और हर दौर का अपना एक अलग नजरिया होता है।

आज की युवा पीढ़ी और ग्लोबल दर्शकों को ध्यान में रखते हुए इस कहानी को अत्याधुनिक तकनीक और सिनेमाई भव्यता के साथ पेश करना बेहद जरूरी हो गया था, ताकि हमारे देश की संस्कृति की गूंज पूरी दुनिया तक एक नए और प्रभावशाली रूप में पहुंच सके।

मॉर्डन टैक्निक और ग्लोबल स्तर की तैयारी

किसी भी पौराणिक कथा को आज के समय में बड़े पर्दे पर उतारना आसान काम नहीं होता है, खासकर तब जब दर्शकों की उम्मीदें आसमान छू रही हों। इस फिल्म के माध्यम से मेकर भारतीय सिनेमा के स्तर को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं।

नमित मल्होत्रा का मानना है कि रामायण जैसी महान कथा केवल एक फिल्म भर नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति की पहचान है जिसे ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर बेहतरीन वीएफएक्स और विजुअल्स के साथ दिखाया जाना चाहिए।

फिल्म के प्रोड्यूसर ने इसमें पानी की तरह पैसा बहाया है और दुनिया भर के बेहतरीन तकनीशियनों को इस प्रोजेक्ट के साथ जोड़ा है ताकि जब दर्शक सिनेमाघरों में बैठें, तो उन्हें एक ऐसा जादुई अनुभव मिले जो उन्होंने पहले कभी बड़े पर्दे पर न देखा हो।

आलोचनाओं का करना पड़ा सामना

किसी भी बड़ी फिल्म के रास्ते में चुनौतियां और आलोचनाएं आना आम बात है और फिल्म 'रामायण' भी इससे अछूती नहीं रही है। जब से इस फिल्म की घोषणा हुई है और इसके कलाकारों के नाम सामने आए हैं, तब से सोशल मीडिया से लेकर आम बैठकों तक में इसकी तुलना पुरानी रामायण से की जाने लगी है।

कई समीक्षक और दर्शक यह आशंका जता रहे हैं कि क्या यह नई फिल्म मूल कथा की गरिमा और उसकी पवित्रता को बनाए रख पाएगा या नहीं। हालांकि मेकर्स और पूरी टीम का यह मानना है कि जब किसी बड़े बदलाव की शुरुआत होती है, तो इस तरह के संदेह स्वाभाविक होते हैं। उनका पूरा ध्यान सिर्फ इस बात पर है कि वे दर्शकों को एक ऐसा ईमानदार और बड़ी कोशिश दें जो समय की कसौटी पर खरा उतरे।

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भारतीय सिनेमा के लिए एक मील का पत्थर

आने वाले दिनों में रिलीज होने वाली यह 2 पार्ट की फिल्म भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने की पूरी तैयारी कर चुकी है। रणबीर कपूर, यश और साई पल्लवी जैसे बड़े कलाकारों की मौजूदगी इस प्रोजेक्ट के वजन को और ज्यादा बढ़ा देती है।

प्रोड्यूसर का यह साफ कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य केवल बॉक्स ऑफिस पर प्रॉफिट कमाना नहीं है, बल्कि अपनी माटी की कहानी को इस तरह से पेश करना है कि पूरी दुनिया भारतीय संस्कृति की गहराई और भव्यता की कायल हो जाए।