

Rakul Preet Singh Reacts To IT Raid News: हिंदी, तमिल और तेलुगु सिनेमा में अपनी बेहतरीन एक्टिंग से खास पहचान बनाने वाली पॉपुलर एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह इन दिनों काफी चर्चा में हैं। हाल ही में सोशल मीडिया और कुछ मीडिया चैनल्स पर उनके खिलाफ इनकम टैक्स विभाग के सर्च ऑपरेशन से जुड़ी कई तरह की खबरे और अटकलें लगाई जा रही थीं।
इन अफवाहों पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए रकुल प्रीत सिंह ने अब एक बयान जारी किया है। आर्मी फैमिली से ताल्लुक रखने वाली और खुद के दम पर पहचान बनाने वाली रकुल ने साफ किया है कि वे हमेशा से कानून का पालन करने वाली एक जिम्मेदार नागरिक रही हैं। अपने आत्मसम्मान की रक्षा के लिए उन्होंने इस पूरे केस पर अपना कड़ा रुख अपनाया है।
रकुल प्रीत सिंह ने अपने ऑफिशियल बयान में मीडिया और ऑनलाइन रिपोर्ट्स के रवैये पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि यह देखकर बहुत निराशा होती है कि कैसे बिना किसी ठोस सबूत के खबरों को पेश किया जा रहा है।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी फैसले पर पहुंचने से पहले सच्चाई की पड़ताल करना बेहद जरूरी है। बिना सच्चाई के चलाई जाने वाली ऐसी खबरें किसी भी एक्टर के सालों के कड़े परिश्रम और उसकी प्रतिष्ठा को गहरा नुकसान पहुंचाती हैं।
अपनी बात को पूरी पारदर्शिता के साथ सामने रखते हुए रकुल ने सभी अटकलों को खारिज किया। उन्होंने बताया कि वे 20 साल की उम्र से ही अपना टैक्स भरती आ रही हैं। वे किसी भी तरह के अवैध विदेशी लेन-देन में शामिल नहीं हैं, न ही अपने नाम पर और न ही किसी प्रोडक्शन हाउस के जरिए।
इसके अलावा उन्होंने यह भी साफ किया कि देश या विदेश में उनके नाम पर कोई बेनामी प्रॉपर्टी नहीं है और न ही उन्होंने कभी किसी से महंगे तोहफे स्वीकार किए हैं।
रकुल प्रीत सिंह ने बिना जांच-पड़ताल के गलत और बदनाम करने वाली खबरें चलाने वाले संस्थानों से अपनी खबर वापस लेने की गुजारिश की है। उन्होंने कहा कि वे मीडिया बिजनेस के व्यावसायिक दबावों और कॉम्पिटिशन को अच्छी तरह समझती हैं। हालांकि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं होना चाहिए कि टीआरपी के चक्कर में सच के साथ समझौता किया जाए।
बता दें कि हाल ही में आयकर विभाग ने फिल्म मेकिंग से जुड़ी कई जानी-मानी हस्तियों और कंपनियों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। इस बड़ी कार्रवाई के तहत फेमस एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह, जाने-माने निर्माता वासु भगनानी और फेमस प्रोडक्शन हाउस पैनोरमा स्टूडियोज पर शिकंजा कसा था। फिल्मों के निर्माण और वित्तीय लेनदेन में कथित हेरफेर तथा कर चोरी के शक में यह कार्रवाई की गई थी।