Rajpal Yadav Tihar Jail: स्मोकिंग जोन से लेकर रियायत तक, जेल व्यवस्था पर राजपाल यादव ने रखी खुलकर अपनी राय

Rajpal Yadav Smoking Zone: राजपाल यादव चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल से 12 दिन बाद अंतरिम जमानत पर रिहा हुए। दिल्ली हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद उन्होंने जेलों में स्मोकिंग जोन की मांग उठाई है।
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राजपाल यादव (फोटो- सोशल मीडिया)
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Rajpal Yadav Demand Smoking Zone In Jail: बॉलीवुड के चर्चित कॉमेडियन राजपाल यादव हाल ही में चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल से अंतरिम जमानत पर रिहा हुए हैं। जेल में बिताए 12 दिनों को उन्होंने बुरे सपने जैसा अनुभव” बताया है। रिहाई के बाद यूपी के शाहजहांपुर पहुंचे अभिनेता ने मीडिया से बातचीत में जेल व्यवस्था और कैदियों की स्थिति को लेकर कई अहम बातें कहीं, जो अब चर्चा का विषय बन गई हैं।

राजपाल यादव ने कहा कि जेल केवल सजा देने की जगह नहीं होनी चाहिए, बल्कि सुधार का केंद्र बनना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि जैसे टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति में अमिताभ बच्चन प्रतियोगियों को तीन लाइफलाइन देते हैं, उसी तरह जेल में लंबे समय से बंद कैदियों को भी कम से कम एक लाइफलाइन मिलनी चाहिए। उनका कहना था कि जो कैदी 10 से 15 साल से सजा काट रहे हैं और जिनका व्यवहार अच्छा रहा है, उनके लिए दया या रियायत पर विचार होना चाहिए।

स्मोकिंग जोन की व्यवस्था की मांग की

अभिनेता ने यह भी कहा कि कई बार परिस्थितियां इंसान को अपराधी बना देती हैं। समाज को कैदियों को केवल एक नंबर या अपराधी की पहचान से नहीं देखना चाहिए। उन्होंने जेलों के आधुनिकीकरण की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि मौजूदा समय के हिसाब से सुधारात्मक कदम उठाए जाने चाहिए। इतना ही नहीं, राजपाल यादव ने जेल में स्मोकिंग जोन की व्यवस्था की भी मांग कर दी।

राजपाल यादव ने कही ये बात

राजपाल यादव ने तर्क दिया कि जब एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पर धूम्रपान के लिए अलग स्थान निर्धारित होते हैं, तो जेल में भी ऐसी सुविधा होनी चाहिए, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें सिगरेट की लत है। हालांकि उनकी इस मांग पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। बता दें कि राजपाल यादव ने 5 फरवरी को चेक बाउंस मामले में सरेंडर किया था। 12 दिन जेल में रहने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने 16 फरवरी को उन्हें अंतरिम जमानत दे दी। 17 फरवरी को वे तिहाड़ जेल से बाहर आए।

18 मार्च तक राजपाल यादव को मिली रहत

अदालत ने उन्हें 18 मार्च तक राहत दी है और निर्देश दिया है कि तय समय में बकाया राशि जमा करनी होगी या डिमांड ड्राफ्ट प्रस्तुत करना होगा। जेल से बाहर आने के बाद राजपाल यादव ने अपने समर्थकों का धन्यवाद किया और कहा कि इस अनुभव ने उनकी जिंदगी की सोच बदल दी है। अब उनका फोकस न सिर्फ अपने करियर पर, बल्कि समाज में पॉसिटिव बदलाव की बात उठाने पर भी रहेगा।

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