कपूर खानदान का वो बेटा जो नहीं बन सका बड़ा स्टार, राजीव कपूर की जिंदगी में क्यों आए इतने उतार-चढ़ाव?

Rajiv Kapoor Birthday: कपूर खानदान का हिस्सा होने के बाद भी राजीव कपूर को बॉलीवुड में कभी वो मुकाम और पहचान नहीं मिल सकी, जिसकी उन्होंने हमेशा उम्मीद की थी।
Rajiv Kapoor Birthday
राजीव कपूर(फाइल फोटो)
Published on
Updated on

Rajiv Kapoor Career: हिंदी सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित परिवार कपूर खानदान में जन्मे राजीव कपूर की जिंदगी किसी भावुक कहानी से कम नहीं रही। हिंदी सिनेमा के महान शोमैन राज कपूर के सबसे छोटे बेटे राजीव कपूर ने 21 साल की उम्र में साल 1983 की फिल्म 'एक जान हैं हम' से एक्टिंग की शुरुआत की थी। इसके 2 साल बाद आई ब्लॉकबस्टर फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' ने उन्हें पूरे देश में फेमस कर दिया। उस दौर में गंगा की आवाज सुनकर कलश हाथ से गिरने वाला उनका आइकॉनिक सीन आज भी दर्शक नहीं भूले हैं। हालांकि, इतनी बड़ी शुरुआत के बाद भी उनका फिल्मी सफर और निजी जीवन हमेशा मुश्किलों से घिरा रहा।

शुरुआती बड़ी सफलता के बाद लगा फ्लॉप फिल्मों का तांता

सुपरहिट फिल्म देने के बाद भी राजीव कपूर का एक्टिंग सफर रफ्तार नहीं पकड़ सका। उन्होंने 'लवर ब्वॉय', 'आसमान', 'जबरदस्त' और 'हम तो चले परदेस' जैसी कई फिल्मों में मुख्य भूमिका निभाई, लेकिन ये सभी फिल्में पर्दे पर पूरी तरह नाकाम साबित हुईं। उन्होंने दिग्गज कलाकारों के साथ काम किया, पर दर्शकों को खींचने में असफल रहे। उनकी कुछ फिल्में जैसे रेखा और दिलीप कुमार के साथ 'आग का दरिया' कभी रिलीज ही नहीं हो पाईं। लगातार मिली नाकामी ने उन्हें एक्टिंग से दूर होने पर मजबूर कर दिया।

निजी जिंदगी में टूटा शादी का रिश्ता और मिला अकेलापन

पेशेवर जिंदगी के साथ-साथ राजीव कपूर की पर्सनल लाइफ भी असफलताओं से भरी रही। साल 2001 में उन्होंने आर्किटेक्ट आरती सभरवाल से शादी की थी। यह शादी ज्यादा लंबी नहीं चल सकी और महज 2 साल बाद दोनों का तलाक हो गया। शादी टूटने के बाद उन्होंने कभी दोबारा शादी नहीं की और अपनी जिंदगी का बाकी हिस्सा अकेलेपन में ही बिताया।

Rajiv Kapoor Birthday
इमरान हाशमी की आवारापन 2 जल्द करेगी बड़ा धमाका, 11 दिनों में 137 करोड़ पार, वर्ल्डवाइड कमाई 192 करोड़ के करीब

कैमरे के पीछे भी हाथ लगी केवल नाकामी और निराशा

एक्टिंग में असफलता मिलने के बाद राजीव कपूर ने डायरेक्शन और निर्माण के क्षेत्र में किस्मत आजमाई। उन्होंने आरके बैनर के तहत बनी फिल्म 'हिना' का निर्माण किया और बाद में ऋषि कपूर और माधुरी दीक्षित के साथ 'प्रेम ग्रंथ' फिल्म का डायरेक्शन किया।

हालांकि, यह फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा सकी। इसके बाद साल 1999 में उन्होंने अक्षय खन्ना और ऐश्वर्या राय की 'आ अब लौट चलें' फिल्म का निर्माण किया। इसके बाद उन्होंने फिल्म निर्माण की दुनिया से खुद को पूरी तरह अलग कर लिया।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com