

Cockroach Janta Party SPPU Pune Protest Update:पुणे के प्रतिष्ठित सावित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय (SPPU) से शिक्षा व्यवस्था में सुधार की एक ऐसी जबरदस्त चिंगारी उठी है, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले हजारों छात्र और युवा अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। यह महज एक छोटा प्रदर्शन नहीं, बल्कि देश की जर्जर होती परीक्षा प्रणाली के खिलाफ एक खुला विद्रोह है।
सीबीएसई और नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में हुई कथित धांधली और पेपर लीक की घटनाओं ने छात्रों के भविष्य को दांव पर लगा दिया है, जिससे उपजा यह आक्रोश अब पुणे की सड़कों से होता हुआ दिल्ली की दहलीज तक पहुँचने को बेताब है।
अभिजीत दीपके द्वारा स्थापित कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में पुणे के विश्वविद्यालय परिसर में आज एक विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए भारत के कोने-कोने से हजारों छात्र और शिक्षाविद यहाँ पहुंचे हैं। इस आंदोलन की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रख्यात जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी सैकड़ों छात्रों के साथ इस मशाल को थामने के लिए पुणे पहुँच रहे हैं। शाम 4 बजे शुरू हुए इस आंदोलन ने विश्वविद्यालय परिसर को नारों और न्याय की मांग से गुंजायमान कर दिया है।
इस देशव्यापी आंदोलन की मुख्य जड़ नीट-यूजी परीक्षा का पेपर लीक होना और सीबीएसई की ओएसएम परीक्षा मूल्यांकन में सामने आई विसंगतियां हैं। छात्रों का आरोप है कि इन अनियमितताओं ने उनकी सालों की मेहनत और सपनों को चकनाचूर कर दिया है। सीजेपी की सबसे बड़ी मांग यह है कि इन सभी विफलताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें ।
कॉकरोच जनता पार्टी ने साफ कर दिया है कि यह विरोध केवल पुणे तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में इस आंदोलन की आग लखनऊ, अमृतसर, बेंगलुरु, जयपुर और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों तक फैलेगी। आंदोलन की सबसे निर्णायक रणनीति के तहत, 20 जून से नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों का संकल्प अटल है जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक जंतर-मंतर पर यह प्रदर्शन जारी रहेगा। छात्रों का यह 'सत्याग्रह' अब भारतीय शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ी जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग कर रहा है।