Poonam Dhillon Career: पहली फिल्म के सेट पर घबराई पूनम ढिल्लों, रियल सीन के लिए शशि कपूर ने जड़ा जोरदार थप्पड़

Poonam Dhillon Struggle: पूनम ढिल्लों ने अपनी पहली फिल्म ‘त्रिशूल’ की शूटिंग का दिलचस्प किस्सा शेयर किया। उन्होंने बताया कि सीन को रियल बनाने के लिए शशि कपूर ने उन्हें सच में थप्पड़ मारा था।
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पूनम ढिल्लों (फोटो- सोशल मीडिया)
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Poonam Dhillon Birthday Special Story: हिंदी सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री पूनम ढिल्लों ने अपने करियर की शुरुआत से जुड़ा एक दिलचस्प और चौंकाने वाला किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि अपनी पहली फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें सेट पर कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा, यहां तक कि एक सीन के लिए उन्हें शशि कपूर से जोरदार थप्पड़ भी खाना पड़ा था।

18 अप्रैल 1962 को चंडीगढ़ में जन्मीं पूनम ढिल्लों ने कभी नहीं सोचा था कि वह फिल्मों में करियर बनाएंगी। सहेलियों के कहने पर उन्होंने ‘मिस यंग इंडिया’ ब्यूटी कॉन्टेस्ट में हिस्सा लिया और जीत भी हासिल की। हालांकि, इस जीत के बाद भी वह फिल्मों में आने को लेकर असमंजस में थीं। परिवार की सोच और अपनी झिझक के कारण उन्होंने शुरुआत में कई ऑफर्स ठुकरा दिए।

त्रिशूल से शुरू हुआ करियर

बाद में उन्हें मशहूर निर्देशक यश चोपड़ा की फिल्म त्रिशूल का ऑफर मिला। यह मौका उनके लिए बड़ा था, लेकिन परिवार की अनुमति लेना आसान नहीं था। आखिरकार उन्होंने हिम्मत दिखाई और दिल्ली में अपनी नानी के घर रहकर फिल्म की शूटिंग पूरी की। फिल्म इंडस्ट्री में नई होने के कारण पूनम ढिल्लों काफी घबराई रहती थीं। उन्हें डायलॉग बोलने का अनुभव नहीं था और बड़े-बड़े सितारों के बीच काम करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। हालांकि, यश चोपड़ा सेट पर उनका हौसला बढ़ाते रहते थे, जिससे उन्हें आत्मविश्वास मिला।

शशि कपूर ने मारा था थप्पड़

पूनम ढिल्लों ने एक इंटरव्यू में बताया कि फिल्म के एक सीन को रियल बनाने के लिए शशि कपूर को उन्हें थप्पड़ मारना था। चूंकि वह नई थीं, इसलिए सीन को सही तरीके से निभाने के लिए शशि कपूर ने उन्हें जोरदार थप्पड़ मारा। उन्होंने यह भी बताया कि सीन के दौरान उन्हें पहले से इसकी जानकारी थी और शशि कपूर ने मजाक में कहा था कि जितने थप्पड़ लगेंगे, उतने ही ‘किस’ मिलेंगे।

संघर्ष से बनी मजबूत पहचान

हालांकि, सीन एक ही टेक में पूरा हो गया और दोबारा थप्पड़ की जरूरत नहीं पड़ी। इस अनुभव के बावजूद पूनम ढिल्लों ने हार नहीं मानी और आगे चलकर हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी यह कहानी दिखाती है कि फिल्म इंडस्ट्री में शुरुआत आसान नहीं होती, लेकिन मेहनत और हिम्मत के दम पर कोई भी कलाकार सफलता हासिल कर सकता है।

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