'कंतारा चैप्टर 1' के बॉयकॉट को पवन कल्याण ने बताया गलत, बोले- सिनेमा बने एकता का प्रतीक

Pawan Kalyan on Film Boycott: ऋषभ शेट्टी की फिल्म 'कांतारा: चैप्टर 1' के समर्थन में पवन कल्याण ने आवाज उठाई है। फिल्म को लेकर हो रहे बॉयकॉट की मांग को पवन कल्याण ने गलत बताया है।
'कंतारा चैप्टर 1' के बॉयकॉट को पवन कल्याण ने बताया गलत, बोले- सिनेमा बने एकता का प्रतीक
कांतारा चैप्टर 1 के समर्थन में पवन कल्याण, फिल्म के बॉयकॉट को बताया गलत
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Pawan Kalyan In Support Of Kantara Chapter 1: अभिनेता पवन कल्याण की फिल्म 'दे कॉल हिम ओजी' को कर्नाटक में बॉयकॉट का सामना करना पड़ा था। अब पवन कल्याण ने अपनी फिल्म पर लगे प्रतिबंधों पर बात की है। साथ ही उन्होंने ऋषभ शेट्टी की फिल्म 'कांतारा: चैप्टर 1' का खुलकर समर्थन किया।

उन्होंने आंध्र प्रदेश में कन्नड़ फिल्म 'कांतारा: चैप्टर 1' के टिकटों की कीमत को बढ़ाने को सही कहा है। बता दें कि कर्नाटक में बॉयकॉट के बावजूद पवन कल्याण की हालिया रिलीज फिल्म 'दे कॉल हिम ओजी' बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है। इसे दर्शक खूब पसंद कर रहे हैं।

मैं इस सोच का समर्थन नहीं करता

पवन कल्याण ने एक बयान में कहा, "सिनेमा, संगीत, खेल और सांस्कृतिक कलाओं की भाषा, क्षेत्र, जाति या धर्म की कोई सीमा नहीं होती। इनका असल उद्देश्य मनोरंजन करना और सभी वर्गों के लोगों को जोड़ना है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोगों ने निजी स्वार्थों से प्रेरित होकर कर्नाटक के सिनेमाघरों में ‘दे कॉल हिम ओजी’ के प्रदर्शन को रोकने की कोशिश की, ठीक वैसे ही जैसे कुछ अन्य तेलुगु फिल्मों को अतीत में इसी तरह की बाधाओं का सामना करना पड़ा है। अभिनेता ने बताया, इसके जवाब में अब कुछ लोगों ने यह सुझाव देना शुरू कर दिया है कि कांतारा जैसी कन्नड़ फिल्मों को हमारे तेलुगु राज्यों में प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। मैं इस सोच का समर्थन नहीं करता।"

नफरत या एजेंडे का इस्तेमाल करना बिल्कुल अस्वीकार्य

अभिनेता पवन कल्याण ने आगे कहा, "कला और सिनेमा को खुशियां फैलानी चाहिए, संस्कृतियों को जोड़ना चाहिए और लोगों को एक साथ लाना चाहिए, न कि उन्हें अलग करना चाहिए। हर व्यक्ति को अपनी पसंदीदा फिल्म देखने का अधिकार है। अगर आपको कोई फिल्म पसंद नहीं है, तो आप उसे नहीं देखने का विकल्प चुन सकते हैं, लेकिन फिल्मों को निशाना बनाने के लिए व्यक्तिगत नफरत या एजेंडे का इस्तेमाल करना बिल्कुल अस्वीकार्य है।

कला को क्षेत्रीय सीमाओं में सीमित करना गलत

आज भारतीय सिनेमा को दुनिया भर में हर भाषा में सराहा जा रहा है। ऐसे समय में कला को क्षेत्रीय सीमाओं में सीमित करने के किसी भी प्रयास का कड़ा विरोध किया जाना चाहिए। आइए अच्छी फिल्मों का समर्थन करें, चाहे वे कहीं से भी आती हों।" बता दें कि ‘कांतारा चैप्टर 1’ अगले महीने 2 तारीख को रिलीज होने जा रही है।

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