ओम प्रकाश का 80 रुपये से शुरू हुआ सफर, 307 फिल्मों में किया काम, ‘दद्दू’ नाम से मिली बॉलीवुड में पहचान

Om Prakash Career: ओम प्रकाश ने 80 रुपये से फिल्मी सफर शुरू कर 307 फिल्मों में काम किया। नमक हलाल में ‘दद्दू’ किरदार से खास पहचान मिली। वहीं, ओम प्रकाश का निधन 21 फरवरी 1998 को हुआ।
Om Prakash journey began with Rs 80 he acted in 307 films
ओम प्रकाश (फोटो- सोशल मीडिया)
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Om Prakash Death Anniversary Special Story: हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता ओम प्रकाश की आज पुण्यतिथि है। 19 दिसंबर 1919 को जम्मू में जन्मे ओम प्रकाश ने अपने बहुआयामी अभिनय से बॉलीवुड में ऐसी पहचान बनाई, जो आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा है। वह उन कलाकारों में से थे, जिन्होंने विलेन, कॉमेडियन और चरित्र अभिनेता हर भूमिका में जान डाल दी।

ओम प्रकाश को बचपन से ही संगीत में गहरी रुचि थी। महज 12 साल की उम्र में उन्होंने शास्त्रीय संगीत की शिक्षा शुरू कर दी थी और जल्द ही इसमें निपुण हो गए। साल 1937 में उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो ज्वाइन किया, जहां उन्हें 25 रुपये मासिक वेतन मिलता था। ‘फतेह दिन’ नाम के किरदार से वे खासे लोकप्रिय हुए और पूरे पंजाब में पहचाने जाने लगे।

ओम प्रकाश का फिल्मी करियर

फिल्मी करियर की शुरुआत उन्होंने 1940 के दशक में की। उनकी पहली फिल्म ‘दासी’ थी, जिसके लिए उन्हें मात्र 80 रुपये मिले थे। हालांकि छोटी सी रकम से शुरू हुआ यह सफर आगे चलकर बड़ी सफलता में बदला। देश के बंटवारे के बाद वे मुंबई आ गए और यहां उन्हें फिल्म ‘लखपति’ में विलेन का किरदार मिला। इसके बाद उन्होंने ‘लाहौर’, ‘चार दिन’ और ‘रात की रानी’ जैसी फिल्मों में काम किया।

इन दिग्गज सितारों संग किया काम

ओम प्रकाश ने उस दौर के दिग्गज सितारों जैसे दिलीप कुमार, राज कपूर और अशोक कुमार के साथ स्क्रीन साझा की। ‘आज़ाद’, ‘सरगम’, ‘मिस मैरी’, ‘बहार’, ‘पहली झलक’ और ‘तेरे घर के सामने’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को खूब सराहा गया। फिल्म ननमक हलाल में ‘दद्दू’ के किरदार ने उन्हें अमर कर दिया। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन के साथ उनकी जुगलबंदी दर्शकों को बेहद पसंद आई। यही वजह है कि आज भी कई लोग उन्हें ‘दद्दू’ के नाम से याद करते हैं।

ओम प्रकाश का निधन

करीब 307 फिल्मों में काम कर चुके ओम प्रकाश ने कुछ फिल्मों का निर्माण भी किया, जिनमें ‘संजोग’, ‘जहान आरा’ और ‘गेटवे ऑफ इंडिया’ शामिल हैं। जीवन के अंतिम दिनों में वह गंभीर रूप से बीमार हो गए थे। 21 फरवरी 1998 को दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। ओम प्रकाश भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका अभिनय हिंदी सिनेमा के इतिहास में हमेशा जीवित रहेगा।

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