12 बच्चे और 70 साल की उम्र में दूसरी शादी, उलटफेर से भरा था NTR का आखिरी वक्त

नंदमूरि तारक रामा राव यानी एनटीआर साउथ फिल्म इंडस्ट्री का एक ऐसा नाम जिन्हे साउथ फिल्म इंडस्ट्री का मसीहा कहा जाता है, उनका नाम गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड भी दर्ज है। वो राजनीति में भी सक्रिय रहे।
12 बच्चे और 70 साल की उम्र में दूसरी शादी, उलटफेर से भरा था NTR का आखिरी वक्त
एनटीआर फिल्म ही नहीं राजनीति में भी थे पारंगत, फिल्म छोड़ी तो बन गए मुख्यमंत्री
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एनटीआर का जन्म 28 मई 1923 को आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में हुआ था। एनटीआर की पकड़ सिर्फ फिल्मों में ही नहीं, बल्कि उन्होंने राजनीति में भी अपना परचम लहराया और वह आंध्र प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस का विजय रथ रोकने में कामयाब हुए थे। उन्होंने 1982 में तेलुगु देशम पार्टी की स्थापना की थी। वह राज्य के मुख्यमंत्री भी रहे, फिल्म और राजनीति के अलावा उनका व्यक्तिगत जीवन भी काफी चर्चा में रहा उन्होंने दो शादियां की थी और उनके 12 बच्चे थे।

एनटीआर ने अपने फ़िल्मी करियर में 300 से ज्यादा फिल्मों में बतौर एक्टर काम किया। उन्हें तीन बार नेशनल अवार्ड मिल चुका है। नंदी अवार्ड से लेकर फिल्म फेयर जैसे बड़े अवार्ड भी उन्होंने अपने नाम किए थे। राजनीति से जुड़ने के बाद उन्होंने 9 महीने के भीतर 40 हजार किलोमीटर से ज्यादा यात्रा की थी। इसी बात के लिए उनका नाम गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।

एनटीआर ने तेलुगू फिल्म माना देशम से अपने करियर की शुरुआत की थी। वह अपनी फिल्मों में आध्यात्मिक किरदार निभाने के लिए पहचाने जाते थे। 50 के दशक में उन्होंने कृष्ण, कर्ण और राम जैसे कई किरदार पर्दे पर निभाए। जिसकी वजह से उन्हें जनता का खूब प्यार मिला उन्होंने पर्दे पर 17 बार से अधिक कृष्ण की भूमिका निभाई थी। तेलुगु कवि श्रीनाथ की बायोपिक एनटीआर की आखिरी फिल्म थी। उसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में हिस्सा लिया। तेलुगु देशम पार्टी की स्थापना की और राज्य के मुख्यमंत्री भी बन गए।

1943 में 20 साल की उम्र में एनटीआर का विवाह उनकी ही मामा की लड़की राम तारकम से हुआ। विवाह के बाद एनटीआर के 12 बच्चे हुए। जिनमें आठ बेटे और चार बेटियां शामिल है। बेटों में नंदमुरी बालकृष्ण और नंदमूरि हरीकृष्ण ने फिल्म जगत में खूब नाम कमाया। चर्चित अभिनेता जूनियर एनटीआर जो हैं वो एनटीआर के पोते हैं। एनटीआर की शादी के 42 साल बाद उनकी पत्नी का कैंसर की वजह से निधन हो गया था। 1993 में करीब 70 साल की उम्र में एनटीआर में तेलुगु लेखिका लक्ष्मी पार्वती से दूसरा विवाह किया। लेकिन उसके 3 साल बाद उनकी मृत्यु हो गई। दूसरे विवाह के कारण उनके परिवार में काफी उलटफेर देखने को मिला, उनके ही दामाद ने उनकी पार्टी पर कब्जा कर लिया था।

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