कादर खान जैसे कलाकारों पर क्यों नहीं बनती डॉक्यूमेंट्री? द रोशन्स के ट्रेलर पर यूजर का सवाल

बॉलीवुड में इस समय डाक्यूमेंट्री का चलन देखने को मिल रहा है। रोशन परिवार पर बनी डॉक्यूमेंट्री 'द रोशन्स' को देख अब यूजर ने सवाल पूछा है कि कादर खान जैसे कलाकारों पर डॉक्यूमेंट्री क्यों नहीं बनती। 
Netizen Demand Kader Khan Documentary After Seeing Trailer of The Roshans Made For Netflix
कादर खान की डॉक्यूमेंट्री बनाने की मांग
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मुंबई: रोशन परिवार पर आधारित डॉक्युमेंट्री 'द रोशन्स' का ट्रेलर रिलीज हुआ है। इस फिल्म में ऋतिक रोशन के परिवार के इतिहास को बेहतरीन तरीके से दिखाया गया है। डॉक्यूमेंट्री में आप देख सकते हैं कि रोशन परिवार के इतिहास के बारे में बॉलीवुड के कई कलाकार बात करते हुए नजर आ रहे हैं। शाहरुख खान, विकी कौशल, रणबीर कपूर जैसे कलाकार रोशन परिवार के बारे में बात कर रहे हैं। इतना ही नहीं संगीत से जुड़े लोगों ने भी रोशन परिवार के बारे में बहुत कुछ बताया है। इस ट्रेलर को जब सोशल मीडिया पर यूजर्स ने देखा तो एक यूजर ने कहा, डॉक्यूमेंट्री सिर्फ उन्हीं की बनती है जिनके बच्चे स्टार होते हैं। कादर खान जैसे कलाकारों पर डाक्यूमेंट्री बनाने की जहमत कोई नहीं उठाता।

कादर खान बॉलीवुड के बेहतरीन कलाकारों में शुमार हैं। कदर खान का जन्म तो अफगानिस्तान के काबुल में हुआ था। लेकिन उन्होंने भारतीय सिनेमा में बहुमूल्य योगदान दिया है।  1973 में आई फिल्म 'दाग' से अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत करने वाले कादर खान ने 300 से अधिक फिल्मों में काम किया। हिंदी और उर्दू की 500 से अधिक फिल्मों में वह डायलॉग लिखने का काम कर चुके हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक विलन के तौर पर की थी। लेकिन बाद में वह सफल कॉमेडियन भी बने। उनकी एक्टिंग ऐसी थी उन्हें एक्टिंग की चलती फिरती यूनिवर्सिटी कहा जाता था।

रोशन परिवार पर बनी डॉक्यूमेंट्री से पहले सलमान खान के पिता सलीम खान पर भी एक डॉक्यूमेंट्री बनी थी। जिसमें राइटर जोड़ी सलीम जावेद की कहानी को दिखाया गया था। डॉक्यूमेंट्री का नाम एंग्री यंग मैन था और इसे प्राइम वीडियो ने प्रसारित किया था। 'द रोशन्स' नाम की डॉक्यूमेंट्री नेटफ्लिक्स पर 17 जनवरी को रिलीज होने वाली है और इस वेब डॉक्यूमेंट्री को देख सोशल मीडिया पर लोग इसी तरह की डॉक्यूमेंट्री कादर खान जैसे कलाकारों पर भी बनाने की मांग करते हुए नजर आए हैं। अब देखना यह होगा कि देश में मौजूद तमाम ओटीटी प्लेटफॉर्म उनकी इस बात को कब तक अमल में लाते हैं।

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