

Mukesh Khanna Jan Gan Man Controversy: ‘शक्तिमान’ फेम अभिनेता मुकेश खन्ना एक बार फिर अपने बेबाक बयान को लेकर चर्चा में हैं। सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखने वाले मुकेश खन्ना ने इस बार ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ को लेकर चल रही बहस पर प्रतिक्रिया दी है। समाचार एजेंसी ANI से बातचीत के दौरान अभिनेता ने ‘जन गण मन’ को लेकर अपनी आपत्ति जाहिर की और ‘वंदे मातरम’ को देश का नेशनल एंथम बनाने की इच्छा जताई।
मुकेश खन्ना ने कहा कि उन्होंने पहले भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी थी, लेकिन उनकी बातों को अलग तरीके से वायरल किया गया। उन्होंने दावा किया कि ‘जन गण मन’ ब्रिटिश शासन के दौर में लिखा गया था और उस समय भारत गुलाम था। इसी आधार पर उन्होंने सवाल उठाया कि इसे देश का राष्ट्रगान क्यों माना जाए। अभिनेता ने राष्ट्रगान की पंक्तियों में आने वाले शब्द ‘अधिनायक’ और ‘भारत भाग्य विधाता’ का अर्थ समझाते हुए भी अपनी व्याख्या पेश की।
मुकेश खन्ना ने कहा कि भारत माता या देश का झंडा हमारे भाग्य विधाता नहीं हैं, बल्कि वे हमारे राष्ट्रीय प्रतीक हैं। मुकेश खन्ना ने ‘वंदे मातरम’ की तारीफ करते हुए कहा कि इसमें देश को मां के रूप में संबोधित करते हुए उसकी वंदना की जाती है। उन्होंने इच्छा जताई कि ‘वंदे मातरम’ को देश का नेशनल एंथम बनाया जाना चाहिए। उन्होंने इसी दौरान भारतीय शिक्षा और अंग्रेजी भाषा को लेकर भी अपनी राय रखी। अभिनेता ने कहा कि देश लंबे समय तक अंग्रेजी शासन के प्रभाव में रहा और आज भी अंग्रेजी को महत्व दिया जाता है।
इस बीच ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ को लेकर केंद्र सरकार की ओर से नई गाइडलाइन्स जारी किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रालय ने विभिन्न कार्यक्रमों में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के आयोजन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के अनुसार, जिन कार्यक्रमों में दोनों का आयोजन किया जाता है, वहां पहले ‘वंदे मातरम’ और उसके बाद ‘जन गण मन’ प्रस्तुत किया जाएगा। जिन राज्यों में राज्य गीत का प्रावधान है, वहां भी निर्धारित क्रम का पालन करने की बात कही गई है।