Mohnish Bahl: मां की फिल्में नहीं देखता बॉलीवुड का ये संस्कारी बेटा

Birthday Special: मोहनीश बहल ने बॉलीवुड में अपनी शुरुआत विलेन के तौर पर की थी लेकिन उन्हें पहचान बॉलीवुड का संस्कारी बेटा बनकर मिली। वह आज अपना 64वां जन्मदिन मना रहे हैं।
Mohnish Bahl 64th Birthday
मोहनीश बहल जन्मदिन विशेष, विलेन बनकर मिली नफरत, बड़े भैया बनकर मिला प्यार
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Mohnish Bahl 64th Birthday: मोहनीश बहल ने अपने करियर की शुरुआत बॉलीवुड में खलनायक के तौर पर की थी, लेकिन उन्हें बॉलीवुड का संस्कारी बेटा बनकर असली पहचान मिली। उनके जन्मदिन के मौके पर आइए जानते हैं उनके बारे में कुछ अनसुने किस्से।

बॉलीवुड के बहुमुखी प्रतिभा के धनी अभिनेता मोहनीश बहल का 14 अगस्त को 64वां जन्मदिन है। दिवंगत अभिनेत्री नूतन के बेटे मोहनीश ने अपनी शानदार अभिनय क्षमता से विलेन, संस्कारी बेटे और सहायक किरदारों के साथ दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। हालांकि, उनकी जिंदगी का एक बेहद खास हिस्सा है, जिसे कम ही लोग जानते हैं।

प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ दोनों है दिलचस्प

मोहनीश बहल ने साल 1983 में फिल्म 'बेकरार' से एक्टिंग करियर की शुरुआत की, लेकिन यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कमाल दिखाने में असफल रही। इसके बाद 1984 में आई 'पुराना मंदिर' जैसी बी-ग्रेड हॉरर फिल्म, जिसने उन्हें कुछ हद तक पहचान दिलाई, मगर असली सफलता उन्हें साल 1989 में सलमान खान और भाग्यश्री स्टारर फिल्म 'मैंने प्यार किया' से मिली। इस फिल्म में उन्होंने विलेन 'जीवन' का किरदार निभाया, जिसने उन्हें रातोंरात चर्चा में ला दिया। सलमान खान के साथ उनकी ऑन-स्क्रीन 'दुश्मनी' दर्शकों को खूब पसंद आई।

बड़े भैया बनकर मिली लोकप्रियता

इसके बाद मोहनीश साल 1994 में आई 'हम आपके हैं कौन' और साल 1999 में आई 'हम साथ-साथ हैं' जैसी फिल्मों में संस्कारी बड़े भाई की भूमिका निभाकर दर्शकों के दिलों में जगह बनाने में कामयाब हुए। इन फिल्मों में सलमान खान के साथ उनकी केमिस्ट्री ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया। इसके बाद मोहनीश ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनकी 'राजा हिंदुस्तानी', 'कहो ना प्यार है', 'एलओसी कारगिल' और 'जय हो' जैसी फिल्मों में उन्होंने सहायक और नकारात्मक किरदारों के साथ अपनी खास छाप छोड़ी। 80 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके मोहनीश ने अपनी प्रतिभा और अभिनय क्षमता के दम पर हर किरदारों में जान डाल दी।

कमाल के कलाकार हैं मोहनीश

मोहनीश कमाल के कलाकार हैं और इसका असर बड़े पर्दे के साथ ही छोटे पर्दे पर देखने को मिला। मोहनीश ने टीवी इंडस्ट्री में अपनी मौजूदगी दर्ज की। 'संजीवनी', 'दिल मिल गए' और 'कुछ तो लोग कहेंगे' जैसे शोज में उनके किरदारों को खूब सराहना मिली। खासकर 'संजीवनी' में डॉ. शशांक गुप्ता के किरदार ने उन्हें टीवी दर्शकों का चहेता बना दिया। हालांकि, टीवी की व्यस्तता के कारण साल 2005 के बाद उन्हें फिल्मों के ऑफर कम मिलने लगे।

मां की फिल्में नहीं देखते हैं मोहनीश

मोहनीश बहल का जन्म 14 अगस्त 1961 को मुंबई में हुआ। उनकी मां नूतन हिंदी सिनेमा की आइकॉनिक अभिनेत्री थीं, जिन्होंने 'सुजाता', 'बंदिनी' और 'मिलन' जैसी फिल्मों से इतिहास रचा। पिता रजनीश बहल नौसेना अधिकारी थे। मोहनीश की शादी अभिनेत्री एकता सोहिनी से हुई, और उनकी दो बेटियां, प्रनूतन और कृषा हैं। प्रनूतन ने भी साल 2019 में आई फिल्म 'नोटबुक' से बॉलीवुड में डेब्यू किया। मोहनीश की कजिन काजोल, रानी मुखर्जी और तनीषा मुखर्जी भी बॉलीवुड की जानी-मानी हस्तियां हैं। एक दिलचस्प तथ्य यह है कि मोहनीश अपनी मां नूतन की फिल्में नहीं देखते। एक इंटरव्यू में उन्होंने खुलासा किया कि मां की फिल्में देखकर वह भावुक हो जाते हैं और उनकी याद में रो पड़ते हैं। इस वजह से वह उनकी फिल्मों से दूरी बनाए रखते हैं। लंबे समय से मोहनीश फिल्मों से दूर हैं। उनकी पिछली रिलीज फिल्म साल 2019 में आई 'पानीपत' थी। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि वह पैरलल लीड रोल्स की तलाश में हैं, उन्हें सपोर्टिंग रोल्स ही मिलते हैं।

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