मिर्जापुर द मूवी के डायलॉग्स में दिखा भौकाल, कालीन भैया से गड्डू पंडित तक छाए दमदार डायलॉग

Pankaj Tripathi Mirzapur The Movie: मिर्जापुर: द मूवी में एक बार फिर दमदार डायलॉग्स का भौकाल देखने को मिल रहा है। कालीन भैया, गड्डू पंडित और नए किरदारों के तीखे संवाद कहानी में रोमांच बढ़ाते हैं।
Mirzapur The Movie Dialogue
मिर्जापुर द मूवी के डायलॉग्स(फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Mirzapur The Movie Dialogue: ओटीटी पर अपनी अलग पहचान बनाने के बाद अब 'मिर्जापुर' का भौकाल बड़े पर्दे पर भी देखने को मिल रहा है। 'मिर्जापुर: द मूवी' सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है और फिल्म में एक बार फिर कालीन भैया, गड्डू पंडित और मुन्ना भैया की दुनिया देखने को मिल रही है। गैंगवार, बदला, सत्ता और पूर्वांचली अंदाज से भरपूर इस फिल्म में कई ऐसे डायलॉग्स हैं, जो दर्शकों को खूब पसंद आ रहे हैं।

मिर्जापुर फ्रेंचाइजी की खासियत सिर्फ इसकी कहानी और किरदार नहीं, बल्कि इसके दमदार डायलॉग्स भी रहे हैं। सीरीज के कई डायलॉग्स दर्शकों की जुबान पर चढ़ चुके हैं। अब फिल्म में भी इसी अंदाज को बरकरार रखा गया है। कालीन भैया के अंदाज से लेकर गड्डू पंडित की आक्रामकता तक, डायलॉग्स कहानी में रोमांच बढ़ाने का काम करते हैं।

मुन्ना भैया की वापसी ने बढ़ाया रोमांच

ओटीटी सीरीज की कहानी में मुन्ना भैया यानी दिव्येंदु शर्मा की मौत हो चुकी थी, लेकिन फिल्म के अलग यूनिवर्स में उनका किरदार वापस आया है। उनकी मौजूदगी ने फैंस के बीच पहले ही काफी उत्सुकता पैदा कर दी थी। वहीं, कालीन भैया के रूप में पंकज त्रिपाठी और गड्डू पंडित के किरदार में अली फजल का आमना-सामना फिल्म को और दिलचस्प बनाता है।

नए किरदारों से बदला गैंगवार का खेल

फिल्म में रवि किशन और जितेंद्र कुमार जैसे कलाकारों की एंट्री भी देखने को मिलती है। नए किरदार पूर्वांचल की सत्ता और गैंगवार के खेल को एक नया मोड़ देते हैं। कहानी में पुराने किरदारों और नए चेहरों का टकराव दर्शकों के लिए अलग तरह का अनुभव लेकर आता है।

Mirzapur The Movie Dialogue
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कौन-कौन से डायलॉग्स हैं खास

फिल्म में बबलू पंडित के किरदार से जुड़ा सैनिकों और साम्राज्य वाला डायलॉग सत्ता के खेल को दिखाता है। इसके अलावा ईमानदारी को लेकर कही गई बात, मिर्जापुर के बॉर्डर और अपनी मर्जी से आने-जाने वाला अंदाज, पापा से कुछ मांगते-मांगते थक जाने और छीनने की इच्छा जैसे संवाद किरदारों की सोच को सामने रखते हैं।

वहीं, 'मिर्जापुर के सबसे बड़े अल्फा' वाला डायलॉग कालीन भैया के दबदबे को दिखाता है। पूर्वांचल में दरवाजे और सत्ता को लेकर कहा गया संवाद भी फिल्म के भौकाल को बढ़ाता है। इसके अलावा अखंडता त्रिपाठी को हटाने, मिर्जापुर का किंग बनने, एम्पायर बढ़ाने के बजाय चलाने और गोली चलाते समय चैरिटी न करने जैसे संवाद कहानी में हिंसा और सत्ता की जंग को दर्शाते हैं।

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