

आमिर खान की फिल्म रंग दे बसंती पहले मनोज बाजपेयी को ऑफर की गई थी, ऐसा दावा एक सोशल मीडिया पोस्ट में किया गया। इतना ही नहीं फिल्म बनने में देरी क्यों हुई, इसका कारण भी बताया गया है, लेकिन अब मनोज बाजपेयी उर्फ भीकू म्हात्रे की तरफ से इस खबर को फेक न्यूज़ बता दिया गया है। खुद मनोज बाजपेयी खबर का फैक्ट चेक करते हुए नजर आए हैं।
सोशल मीडिया एक्स पर लाफिंग कलर्स नाम के एक हैंडल ने अपनी खबर में दावा किया कि रंग दे बसंती फिल्म के लिए फिल्म मेकर्स की पहली च्वाइस आमिर खान नहीं बल्कि मनोज बाजपेयी थे। इतना ही नहीं पोस्ट में यह दावा भी किया गया है कि खुद प्रोड्यूसर ने 18 साल बाद इस बात का खुलासा किया। पोस्ट में यह दावा भी किया गया कि फिल्म का निर्माण 6 साल की देरी से हुआ, क्योंकि मनोज बाजपेयी जवाब नहीं दे रहे थे, इसके बाद कास्ट, शेड्यूल और फिल्म का भविष्य बदल गया।
मनोज बाजपेयी ने लाफिंग कलर्स हैंडल से पोस्ट की गई इस एक्स पोस्ट को अपने एक्स हैंडल पर रीपोस्ट किया और उन्होंने कैप्शन में लिखा, और यह कहने वाला प्रोड्यूसर कौन है? नाम तो बता!!! SM (सोशल मीडिया) पर इतने खाली लोटा लेकर बैठे हैं। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि मनोज बाजपेयी ने उनको लेकर चलाई जा रही भ्रामक खबर पर खुद ही रिएक्ट किया और अपने चाहने वालों को यह बता दिया कि यह खबर फर्जी है। इस पर विश्वास ना ही करें तो बेहतर है। दूसरी तरफ मनोज बाजपेई ने उनको लेकर भ्रामक खबर फैलाने वालों को यह नसीहत भी दे दी है कि फैक्ट चेक करने के लिए वह खुद आ सकते हैं।