मोहम्मद रफी को मानते थे आदर्श, संगीत प्रतियोगिता जीतकर मिला था महेंद्र कपूर को नवरंग में गाने का मौका

Mahendra Kapoor Career: मेरे देश की धरती और चलो एक बार फिर से जैसे गीतों से पहचान बनाने वाले महेंद्र कपूर ने मनोज कुमार के साथ कई यादगार गाने दिए। उन्हें पद्मश्री समेत कई सम्मानों से नवाजा गया था।
Mahendra Kapoor Death Anniversary
महेंद्र कपूर(फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Mahendra Kapoor Death Anniversary Special: हिंदी सिनेमा के सुनहरे दौर के मशहूर गायक महेंद्र कपूर की आवाज आज भी संगीत प्रेमियों के बीच खास पहचान रखती है। 'चलो एक बार फिर से अजनबी बन जाएं हम दोनों' जैसे सदाबहार गीतों से उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। महेंद्र कपूर का जन्म 9 जनवरी 1934 को अमृतसर में हुआ था। बचपन से ही उन्हें संगीत में गहरी दिलचस्पी थी और वह महान गायक मोहम्मद रफी को अपना आदर्श मानते थे।

अमृतसर में शुरुआती जीवन बिताने के बाद महेंद्र कपूर मुंबई आ गए। यहां उन्होंने शास्त्रीय संगीत के कई दिग्गजों से संगीत की शिक्षा ली। उन्होंने पंडित हुस्नलाल, पंडित जगन्नाथ, उस्ताद नियाज अहमद खां, उस्ताद अब्दुल रहमान खां और पंडित तुलसीदास शर्मा से प्रशिक्षण लिया। 1950 के दशक में महेंद्र कपूर ने एक संगीत प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और जीत हासिल की। इसके बाद उन्हें संगीतकार सी. रामचंद्र के निर्देशन में फिल्म 'नवरंग' में गाने का मौका मिला। फिल्म में उनका गाया 'आधा है चंद्रमा रात आधी' काफी लोकप्रिय हुआ और यहीं से उनके फिल्मी सफर को नई दिशा मिली।

ऐसे बने मनोज कुमार की आवाज

महेंद्र कपूर को सुपरस्टार मनोज कुमार की फिल्मों में अपनी आवाज देने के लिए खास तौर पर जाना जाता है। मनोज कुमार की देशभक्ति से जुड़ी फिल्मों के कई लोकप्रिय गीत महेंद्र कपूर ने गाए। हालांकि, दोनों की यह मशहूर जोड़ी एक दिलचस्प घटना के बाद बनी थी। फिल्म 'आदमी' में 'कैसी हसीं आज बहारों की रात है' गाना दिलीप कुमार और मनोज कुमार पर फिल्माया जाना था। इसे मोहम्मद रफी और तलत महमूद की आवाज में रिकॉर्ड किया जाना था। लेकिन मनोज कुमार को लगा कि तलत महमूद की आवाज उनके किरदार पर फिट नहीं बैठ रही। इसके बाद महेंद्र कपूर को गाने का मौका मिला।

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मेरे देश की धरती से मिली खास पहचान

इसके बाद महेंद्र कपूर ने मनोज कुमार की फिल्मों 'उपकार' और 'पूरब और पश्चिम' के लिए कई यादगार गीत गाए। 'उपकार' का देशभक्ति गीत 'मेरे देश की धरती' उनकी पहचान का अहम हिस्सा बन गया। इस गीत के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला।

बीआर चोपड़ा के साथ भी किया काम

महेंद्र कपूर मशहूर निर्देशक बीआर चोपड़ा के पसंदीदा गायकों में शामिल रहे। दोनों ने 'धूल का फूल', 'गुमराह', 'वक्त', 'हमराज', 'धुंध' और 'निकाह' जैसी फिल्मों में साथ काम किया। उन्होंने चोपड़ा के लोकप्रिय टीवी सीरियल 'महाभारत' के लिए भी अपनी आवाज दी। महेंद्र कपूर को पद्मश्री समेत कई सम्मान मिले। 27 सितंबर 2008 को 74 वर्ष की उम्र में मुंबई में उनका निधन हो गया।

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