‘महाकाली’ के अक्षय खन्ना के रोल से जुड़ी है मुर्दों को जिंदा करने की रहस्यमयी कथा, जानें कौन थे शुक्राचार्य?

Akshaye Khanna as Shukracharya: प्रशांत वर्मा की फिल्म 'महाकाली' में एक्टर अक्षय खन्ना असुरों के गुरु शुक्राचार्य की भूमिका में नजर आएंगे। मुर्दों को जिंदा करने वाली संजीवनी विद्या पर आधारित है।
Akshaye Khanna as Shukracharya
अक्षय खन्ना (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Shukracharya Mythology Story: भारतीय पौराणिक गाथाओं की दुनिया में ऐसे कई पात्र मौजूद हैं जिनकी कहानी किसी भी आधुनिक हॉलीवुड ब्लॉकबस्टर से कहीं ज्यादा पेचीदा और रोमांचक है। डायरेक्टर पूजा कोल्लुरु और प्रशांत वर्मा के सिनेमैटिक यूनिवर्स के तहत बन रही फिल्म 'महाकाली' में दर्शकों को एक ऐसा ही ऐतिहासिक रोल देखने को मिलेगा। धुरंधर में रहमान डकैत के रूप में सराहे जाने के बाद अब फेमस एक्टर अक्षय खन्ना दैत्यगुरु शुक्राचार्य का शक्तिशाली अवतार निभाने जा रहे हैं।

फिल्म का टीजर सामने आते ही अक्षय खन्ना का रूप देखकर दर्शक हैरान रह गए हैं। लंबी दाढ़ी, जटाओं और रहस्यमयी आंखों वाले इस लुक के पीछे एक ऐसे महान विद्वान की कहानी छिपी है जिसके पास मौत को हराने का रहस्य था। यह कहानी केवल एक धार्मिक प्रसंग नहीं है, बल्कि योग्यता, पक्षपात और अधिकारों की लड़ाई का एक बड़ा ताना-बाना पेश करती है, जो दर्शकों को पर्दे से बांधे रखने का काम करेगी।

उषना से शुक्राचार्य बनने तक का सफर

ऋषि भृगु के घर जन्मे उषना की बुद्धिमत्ता की कोई सीमा नहीं थी। उन्होंने अंगिरस ऋषि के आश्रम में देवगुरु बृहस्पति के साथ शिक्षा ग्रहण की थी। हालांकि, प्रतिभा होने के बाद भी जब देवताओं के गुरु का चुनाव हुआ, तो बृहस्पति को प्राथमिकता मिली क्योंकि वह गुरु पुत्र थे। इस व्यवस्था से आहत होकर उषना ने स्वर्गलोक त्याग दिया और असुरों का रास्ता चुना। वहां पहुंचकर उन्होंने समझा कि असुरों की सबसे बड़ी कमजोरी यह थी कि वे अमर नहीं थे, जबकि देवताओं के पास अमृत था।

कठिन तपस्या से हासिल की संजीवनी विद्या

सृष्टि के इस असंतुलन को खत्म करने के लिए उषना ने भगवान शिव की कठोर तपस्या करने का फैसला लिया। सालों तक आग के बीच उल्टे लटके रहकर की गई इस मुश्किल साधना के बाद महादेव खुश हुए और उन्हें मृत संजीवनी विद्या का वरदान दिया। इस ज्ञान की मदद से शुक्राचार्य युद्धभूमि में मरे हुए असुर योद्धाओं को दोबारा जीवित करने में सक्षम हो गए। इस विद्या ने देव-असुर संग्राम का पूरा समीकरण बदल दिया और देवताओं के मन में भय पैदा कर दिया।

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सिनेमाई पर्दे पर क्यों खास है यह पौराणिक किरदार

शुक्राचार्य की कहानी केवल बुराई का साथ देने वाले गुरु की कहानी नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे विचारक की गाथा है जिसने अन्यायपूर्ण व्यवस्था को चुनौती दी। फिल्म महाकाली में अक्षय खन्ना के किरदार में एक तरफ ज्ञान और राजनीति का अनोखा संगम है।

वहीं दूसरी तरफ अपने सिद्धांतों और भावनाओं के बीच का संघर्ष। यही कारण है कि अक्षय खन्ना जैसे सशक्त एक्टर का इस भूमिका में चुनाव इस पौराणिक थ्रिलर को और भी ज्यादा दिलचस्प और देखने लायक बनाता है।

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