

KSBKBT Upcoming Twist: छोटे पर्दे का पॉपुलर शो क्योंकि सास भी कभी बहू थी में इन दिनों एक ऐसा भयानक तूफान आया है, जिसने पूरे वीरानी परिवार को झकझोर कर रख दिया है। कहानी एक बेहद भावुक और दर्दनाक मोड़ पर आ खड़ी हुई है, जहां खुशियों से चहकने वाला घर शांति निकेतन अब पूरी तरह तहस-नहस हो चुका है।
एक तरफ जहां पार्थ की मौत ने माता-पिता को जीते जी मार डाला है, वहीं दूसरी तरफ घर की सबसे बड़ी ताकत मानी जाने वाली तुलसी पर उसकी हत्या का आरोप लगा है। क्योंकि सास भी कभी बहू थी में न केवल वीरानी परिवार के सदस्यों को स्तब्ध कर दिया है, बल्कि टीवी के सामने बैठे दर्शकों के दिलों को भी पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया है।
क्योंकि सास भी कभी बहू थी की कहानी की शुरुआत बेहद गमगीन माहौल से होती है, जहां चारों तरफ सिर्फ चीख-पुकार और आंसू नजर आ रहे हैं। पार्थ को हमेशा के लिए खो देने के बाद करण और नियति पूरी तरह से टूट चुके हैं। वे दोनों पार्थ के साथ बिताए गए पुराने खुशनुमा दिनों और रियो के साथ की गई उसकी शरारतों को याद करके लगातार रोए जा रहे हैं।
बेहद भारी मन और आंसुओं के साथ करण अपने हाथों से अपने ही जवान बेटे का अंतिम संस्कार करता है, जिसे देखना हर किसी के लिए सहनीय नहीं है। पूरे परिवार में इस समय मातम पसरा हुआ है और किसी के पास भी इस दुख से उबरने का कोई रास्ता नहीं मिल रहा है।
क्योंकि सास भी कभी बहू थी की कहानी में असली सस्पेंस तब शुरू होता है जब पुलिस इस मामले में तुलसी को गिरफ्तार कर जेल भेज देती है। जब गौतम को इस बात की भनक लगती है, तो वह सीधे पुलिस स्टेशन की तरफ दौड़ता है।
गौतम को अपनी आंखों पर यकीन नहीं हो रहा है कि जो तुलसी हमेशा सबको जीवन देती आई है, वह दोबारा किसी की जान कैसे ले सकती है। गौतम जेल के बाहर खड़ा होकर तुलसी के सामने गिड़गिड़ाता है और उससे इस मामले का सच बताने को कहता है। लेकिन तुलसी खामोशी ओढ़े हुए गौतम को अपने से दूर झटक देती है। संभाले।
वहीं दूसरी तरफ जब तुलसी की ये खबर वीरानी परिवार यानी शांति निकेतन पहुंचती है, तो वहां एक और बड़ा तहलका मच जाता है। हेमंत, पूजा, देव और ऋतिक को जैसे ही यह पता चलता है कि तुलसी को पार्थ के खून के इल्जाम में पुलिस पकड़ कर ले गई है, तो सबके पैरों तले जमीन खिसक जाती है।
विरानी परिवार में किसी को समझ नहीं आ रहा है कि अचानक यह क्या अनर्थ हो गया। इस बीच देव फौरन करण के पास दौड़ता है और उसे बताता है कि कल ही उसकी मुलाकात पार्थ से हुई थी और वह पूरी तरह ठीक था। देव इस पूरी घटना के पीछे किसी गहरी साजिश का अंदेशा जताता है
क्योंकि सास भी कभी बहू थी में करण के चले जाने के बाद कमरे में असली ड्रामा शुरू होता है जहां नंदिनी अकेले में वैष्णवी के सामने अपने हाथ जोड़ लेती है।नदिंनी पार्थ की मौत के बाद रोते हुए वैष्णवी से मिन्नतें करती है कि वह इस घर को छोड़कर कहीं न जाए। इसके साथ ही वह वैष्णवी को इस बात की कसम देती है कि पार्थ का काला सच कभी भी करण को कभी पता नहीं चलना चाहिए।
नंदिनी जानती है कि करण कभी इस कड़वी सच्चाई को बर्दाश्त नहीं कर पाएगा कि उसका बेटा एक हैवान बन चुका था। अब आने वाले एपिसोड में दर्शकों को एक बहुत बड़ा उलटफेर देखने को मिलेगा, तुलसी विरानी (समृति ईरानी) के इस शो में पूरे 10 साल का लंबा लीप आने वाला है। जब एक दशक तक जेल की सजा काटने के बाद जब तुलसी वापस लौटेगी, तो दुश्मनों के होश उड़ जाएंगे।