KSBKBT Spoiler: 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में बड़ा ट्विस्ट, नकुल-वैष्णवी की सीक्रेट वेडिंग का बना प्लान

KSBKBT Twist: पॉपुलर टीवी शो क्योंकि सास भी कभी बहू थी में गौतम और दामिनी के भारी विरोध के बाद वैष्णवी अचानक गायब हो जाएगी, जिसके बाद तुलसी एक चौंकाने वाला फैसला लेंगी।
KSBKBT Twist
नकुल-वैष्णवी की सीक्रेट वेडिंग का बना प्लान (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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KSBKBT Upcoming Twist: टेलीविजन के सबसे पॉपुलर शो क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 के दर्शकों के लिए आने वाले दिन बेहद रोमांचक होने वाले हैं। विरानी परिवार में इन दिनों रिश्तों का एक ऐसा ताना-बाना बुन रहा है जो आने वाले समय में पूरे घर की नींव को हिलाकर रख देगा। क्योंकि सास भी कभी बहू थी में नकुल और वैष्णवी के बीच पनप रहे प्यार को लेकर घर के भीतर घमासान मचा हुआ है। आने वाले एपिसोड्स में दर्शकों को एक ऐसा पारिवारिक ड्रामा देखने को मिलने वाला है।

क्योंकि सास भी कभी बहू थी की कहानी में गौतम और दामिनी इस नए रिश्ते को स्वीकार करने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं हैं। वे लगातार इस बात पर अड़े हुए हैं कि वैष्णवी कभी भी उनके परिवार की बहू नहीं बन सकती है। इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण वैष्णवी का अतीत है क्योंकि वह इस घर के स्वर्गीय बेटे पार्थ की पत्नी रह चुकी है।

विरोध के कड़वे घूंट पीकर दूर चली गई वैष्णवी

कहानी में नकुल अपने सच्चे प्यार के लिए पूरे परिवार के सामने खड़ा हो जाता है और सबको यह समझाने की कोशिश करता है कि इस सब में वैष्णवी की कोई गलती नहीं है। इसी बीच करण भी गुस्से में अपना आपा खो बैठता है और वैष्णवी को बुरी तरह बेज्जती कर देता है। इस गहरे अपमान से टूटकर वैष्णवी अचानक बिना बताए कहीं चली जाती है।

अपनी चहेती वैष्णवी के अचानक इस तरह लापता हो जाने से नकुल पूरी तरह से टूट जाता है और उसे हर तरफ केवल अंधेरा ही दिखाई देता है। वह खुद को बेबस महसूस करने लगता है लेकिन तभी कहानी में विरानी परिवार की सबसे मजबूत कड़ी यानी तुलसी की एंट्री होती है।

इतिहास दोहराने के लिए तुलसी ने उठाया बड़ा कदम

तुलसी दोनों के प्यार को बखूबी समझती हैं। सालों पहले के अपने और मिहिर के उस दौर को याद करते हुए जब उन्होंने भी तमाम बंदिशों को तोड़कर शादी की थी, तुलसी एक बहुत बड़ा कदम उठाने का मन बना लेती हैं। वह नकुल को सलाह देती हैं कि उन्हें दुनिया की परवाह किए बिना आगे के लिए फौरन कदम उठाना चाहिए।

'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में तुलसी विरानी की प्रेरणा और मार्गदर्शन पाकर नकुल और वैष्णवी हमेशा के लिए एक-दूसरे का हाथ थामने का मन बना लेते हैं। वे दोनों बिना किसी को बताए चुपके से शादी करने का फैसला लेतेहै। इस पूरी योजना के पीछे तुलसी का ही दिमाग होता है जो हर हाल में इन दोनों प्रेमियों को मिलाना चाहती हैं।

अब सबसे बड़ा और दिलचस्प सवाल यह खड़ा होता है कि 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी'क्या इस बात की भनक करण को समय रहते लग पाएगी। क्या करण ऐन वक्त पर पहुंचकर इस विवाह को रोकने में सफल हो पाएगा।

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