

Karan Johar Social Media Post: करण जौहर सोशल मीडिया से पहले के दौर को याद करते नजर आ रहे हैं। हाल ही में फिल्म निर्माता ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भावुक संदेश शेयर किया, जिसमें उन्होंने सोशल मीडिया के आने से पहले की जिंदगी को याद किया। इस पोस्ट को अपनी सोशल मीडिया स्टोरी पर शेयर करते हुए करण ने लिखा कि कभी-कभी मैं सोशल मीडिया से पहले के उन दिनों को प्यार और चाहत के साथ याद करता हूं।
करण जौहर आगे लिखा कि जब पोस्ट करने का मतलब पत्र-पेटी में चिट्ठी डालना होता था, जब स्क्रॉल करने का मतलब कोई किताब या नोटबुक पढ़ना होता था, जब फॉलोअर्स किसी नेक काम या किसी गुरु के लिए होते थे, जब ‘लाइक्स’ का मतलब सच्ची तारीफ होती थी, जब ‘ग्राम’ सिर्फ वजन की एक इकाई होती थी, कोई बोझ नहीं। क्या दिन थे वो। पेशेवर तौर पर करण जौहर को बॉलीवुड के सबसे प्रभावशाली फिल्म निर्माताओं, निर्देशक, टॉक शो होस्ट और उद्यमियों में से एक माना जाता है।
करण जौहर ने अपने पिता यश जौहर द्वारा स्थापित प्रोडक्शन हाउस ‘धर्मा प्रोडक्शंस’ के जरिए हिंदी सिनेमा की कई बड़ी हिट फिल्में दी हैं। करण जौहर, जिन्होंने फिल्मों का निर्देशन भी किया है, ने अपने निर्देशन की शुरुआत ‘कुछ कुछ होता है’ से की। इसके बाद उन्होंने कभी खुशी कभी गम, कभी अलविदा ना कहना, माय नेम इज खान और रॉकी और रानी की प्रेम कहानी जैसी कई फिल्में बनाईं।
करण जौहर के दिवंगत पिता यश जौहर एक सम्मानित निर्माता थे, जिन्होंने दोस्ताना, अग्निपथ, डुप्लीकेट और कल हो ना हो जैसी फिल्मों का निर्माण किया। यश जौहर की सिनेमा के प्रति उनके जुनून ने ‘धर्मा प्रोडक्शंस’ की नींव रखी, जिसे बाद में करण ने भारतीय मनोरंजन जगत के सबसे बड़े बैनरों में से एक के रूप में विकसित किया।
निर्देशन के क्षेत्र में कदम रखने से पहले करण जौहर ने आदित्य चोपड़ा द्वारा निर्देशित सुपरहिट फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ में सहायक निर्देशक के रूप में काम किया था। करण ने भी इस मशहूर फिल्म में एक छोटा सा अभिनय किया था। फिल्म निर्माण के अलावा करण जौहर ने अपने सेलिब्रिटी चैट शो ‘कॉफी विद करण’ के होस्ट के रूप में भी एक बड़ा फैन बेस बनाया है, जिसे वह लगभग दो दशकों से होस्ट कर रहे हैं।