रेणुकास्वामी मर्डर केस के आरोपी दर्शन को मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए मिली 6 महीने की बेल, पैरों में बताई दिक्कत
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने अभिनेता दर्शन को सर्जरी के लिए अंतरिम जमानत दे दी है। उन्हें रेणुकास्वामी हत्या मामले में उनकी कथित भूमिका के लिए 11 जून को गिरफ्तार किया गया था। दर्शन की सर्जरी मैसूर के एक अस्पताल में होगी।
- Written By: निक्की राय
रेणुकास्वामी मर्डर केस के आरोपी दर्शन को मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए मिली 6 महीने की बेल (फोटो सोर्स-इंस्टाग्राम)
कर्नाटक: कर्नाटक उच्च न्यायालय ने बुधवार को कन्नड़ अभिनेता दर्शन थुगुदीपा को अंतरिम जमानत दे दी , जिन्हें 11 जून को रेणुकास्वामी हत्या मामले में उनकी कथित संलिप्तता के लिए गिरफ्तार किया गया था। लाइव लॉ की रिपोर्ट की मानें, तो न्यायमूर्ति एस विश्वजीत शेट्टी की एकल पीठ ने अभिनेता को सर्जरी कराने के लिए जमानत दी। दरअसल एक्टर को ये जमानत मेडिकल ट्रीटमेंट लेने के लिए मिली है। जानिए पूरा मामला…
मैसूर के निजी अस्पताल में होगी सर्जरी
मंगलवार को राज्य सरकार ने अदालत द्वारा आदेश सुरक्षित रखे जाने से पहले बल्लारी केन्द्रीय कारागार, जहां वह बंद हैं के डॉक्टरों तथा बल्लारी के एक सरकारी अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख की मेडिकल रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश की थी। नागेश ने दावा किया कि दर्शन के दोनों पैरों में सुन्नपन की समस्या है और मैसूर के एक निजी अस्पताल में उसकी सर्जरी कराने की अनुमति मांगी। जिसमें अभिनेता अपने सभी संबंधित खर्च खुद ही करेंगे।
सरकारी अस्पताल में इलाज की मांग
अंतरिम जमानत के अनुरोध का अभियोक्ता ने विरोध किया, जिन्होंने कहा कि चिकित्सा दस्तावेजों में इस बात का विवरण नहीं है कि दर्शन को कितने दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहने की आवश्यकता होगी। कुमार ने यह भी तर्क दिया कि सर्जरी सरकारी अस्पताल में की जा सकती है। न्यायालय ने नागेश द्वारा उल्लिखित सर्वोच्च न्यायालय के उदाहरणों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य के पास यह निर्देश देने का अधिकार नहीं है कि विचाराधीन कैदी को कहां इलाज मिल सकता है।
सम्बंधित ख़बरें
‘महिलाओं को कहीं भी सुरक्षित नहीं छोड़ा..’, बेंगलुरु मेट्रो कांड पर कर्नाटक HC ने की सख्त टिप्पणी
कर्नाटक HC ने BJP को दिया झटका…’करप्शन रेट कार्ड’ केस में राहुल को मिली बड़ी राहत, जानिए क्या है पूरा मामला?
कर्नाटक में छिन गई ‘कांग्रेसी’ की कुर्सी…हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया चुनाव, एक गलती ने 3 साल बाद पलट दी बाजी!
गंभीर आरोपों पर राहत नहीं, प्रज्वल रेवन्ना की याचिका हाई कोर्ट से खारिज; रेप केस में हुए थे गिरफ्तार
मैसूर में ही क्यों चाहिए इलाज?
हालांकि, न्यायालय ने नागेश से सर्जरी के लिए मैसूर को ही चुनने के बारे में पूछा। न्यायमूर्ति शेट्टी ने कहा, “मैसूरु क्यों? बेंगलुरु में एक डॉक्टर को आपकी जांच करने दें और सर्जरी की तात्कालिकता और इलाज में लगने वाले समय का अनुमान बताएं। अंतरिम जमानत समय-सीमित है, और हमें यह समझने की आवश्यकता है कि आपको कितने समय तक अस्पताल में रहना होगा।”
यह भी देखें-शहजादा धामी ने खुलेआम दे डाली शिल्पा शिरोडकर को गाली, वीकेंड के वार पर होगा जमकर बवाल
इलाज के लिए मांगी जमानत
इसस पहले 21 सितंबर को प्रस्तुत उनकी जमानत याचिका को सत्र न्यायालय ने खारिज कर दिया था। इसके बाद, उन्होंने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की और इलाद करने के लिए अंतरिम जमानत का अनुरोध किया।
