Kader Khan Career: विलेन बनकर डराया, कॉमेडी से हंसाया और डायलॉग्स से जीते दिल, ऐसा रहा दिग्गज कादर खान का सफर

Kader Khan Dialogue Writer: कादर खान की बर्थ एनिवर्सरी पर उनके शानदार सफर को याद कर रहे हैं। इंजीनियरिंग प्रोफेसर से बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता कादर खान ने अपनी प्रतिभा से दर्शकों के दिल जीते।
Kader Khan Birth Anniversary Special
कादर खान(फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Highlights

  • कादर खान ने अभिनेता, कॉमेडियन और डायलॉग राइटर के रूप में हिंदी सिनेमा में खास पहचान बनाई।

  • फिल्मों में आने से पहले कादर खान मुंबई के पॉलिटेक्निक कॉलेज में सिविल इंजीनियरिंग पढ़ाते थे।

  • फिल्म 'मुकद्दर का सिकंदर' के लिए लिखे कादर खान के 16 पन्नों के भावुक सीन का किस्सा काफी चर्चित है।

Kader Khan Birth Anniversary Special: कादर खान ने अपनी एक्टिंग और लेखनी से दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी। उन्होंने कभी विलेन बनकर लोगों को डराया, तो कभी अपनी कॉमेडी से सबको खूब हंसाया। लेकिन बतौर डायलॉग राइटर उनकी प्रतिभा का एक खास उदाहरण फिल्म 'मुकद्दर का सिकंदर' में देखने को मिला। इस फिल्म के लिए उन्होंने 16 पन्नों का एक ऐसा भावुक सीन लिखा था, जिसे सुनकर अमिताभ बच्चन भी भावुक हो गए थे।

कादर खान का जन्म 1937 में काबुल में हुआ था। उनका परिवार बाद में मुंबई आ गया। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने मुंबई के एमएच साबू सिद्दीक पॉलिटेक्निक में सिविल इंजीनियरिंग के लेक्चरर के रूप में काम किया। हालांकि, थिएटर और अभिनय में उनकी गहरी दिलचस्पी थी। धीरे-धीरे उनकी प्रतिभा ने उन्हें फिल्मों तक पहुंचा दिया और वह हिंदी सिनेमा के लोकप्रिय संवाद लेखकों में शामिल हो गए।

मुकद्दर का सिकंदर के लिए लिखा 16 पन्नों का सीन

कादर खान के करियर का एक दिलचस्प किस्सा 1978 में रिलीज हुई फिल्म 'मुकद्दर का सिकंदर' से जुड़ा है। बताया जाता है कि फिल्म में अमिताभ बच्चन के किरदार के लिए उन्होंने 16 पन्नों का लंबा इमोशनल सीन लिखा था। इस सीन में किरदार अपने जीवन की कहानी और दर्द बयां करता है। इसे लिखते समय कादर खान ने अपने निजी जीवन के अनुभवों को भी शब्दों में पिरोया था।

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अमिताभ बच्चन की आंखों में आ गए थे आंसू

कादर खान के मुताबिक, जब अमिताभ बच्चन ने पहली बार इस सीन की लंबाई देखी, तो उन्हें लगा कि इतने लंबे संवाद याद करना मुश्किल होगा। बाद में कादर खान ने उन्हें अपनी आवाज में पूरा सीन पढ़कर सुनाया। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ी, संवादों का भावनात्मक असर गहरा होता गया। बताया जाता है कि सीन सुनते-सुनते अमिताभ बच्चन की आंखों में आंसू आ गए। उन्हें एहसास हुआ कि ये महज लंबे संवाद नहीं, बल्कि किरदार के दर्द को बयां करने वाले शब्द थे।

Kader Khan Birth Anniversary
कादर खान(फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)

डायलॉग राइटिंग से कॉमेडी तक बनाई पहचान

कादर खान ने अमर अकबर एंथनी, लावारिस, नसीब और कुली जैसी फिल्मों के लिए संवाद लिखे। वहीं, गोविंदा के साथ उनकी कॉमेडी ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया। दुल्हे राजा, कुली नंबर 1 और हीरो नंबर 1 जैसी फिल्मों में उनकी अदाकारी आज भी दर्शकों को हंसाती है। कादर खान का सफर इस बात की मिसाल है कि सच्चे अनुभवों से निकले शब्द पर्दे पर अमर हो सकते हैं।

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