दीपू चंद्र दास की मॉब लिंचिंग पर जाह्नवी कपूर का फूटा गुस्सा, बोलीं- यह कत्लेआम है

Janhvi Kapoor Statement: बांग्लादेश में 27 वर्षीय हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की कथित मॉब लिंचिंग पर जाह्नवी कपूर ने प्रतिक्रिया दी। जाह्नवी ने कहा कि ऐसी घटनाओं से अनजान रहना भी अपराध में भागीदारी है।
Janhvi Kapoor expresses her anger over the mob lynching of Deepu Chandra Das
दीपू चंद्र दास की मॉब लिंचिंग पर जाह्नवी कपूर का फूटा गुस्सा
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Janhvi Kapoor Mob Lynching Reaction: एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा पर कड़ा रुख अपनाया है। हाल ही में बांग्लादेश में 27 वर्षीय हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की कथित ईशनिंदा के आरोप में मॉब लिंचिंग कर हत्या किए जाने की घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश पैदा किया है। इस दर्दनाक घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए जाह्नवी कपूर ने सोशल मीडिया के जरिए सांप्रदायिक हिंसा और कट्टरपंथ के खिलाफ आवाज बुलंद की है।

जाह्नवी कपूर ने अपने पोस्ट में इस घटना को कत्लेआम करार देते हुए लोगों से अपील की कि वे इस मामले में आंखें बंद न करें। उन्होंने लिखा कि दीपू चंद्र दास… यह कत्लेआम है और यह कोई अकेली घटना नहीं है। अगर आपको उसकी बेरहमी से मॉब लिंचिंग के बारे में नहीं पता है, तो इसके बारे में पढ़ें, वीडियो देखें और सवाल पूछें। जाह्नवी ने साफ शब्दों में कहा कि ऐसी घटनाओं से अनजान बने रहना या चुप्पी साध लेना भी एक तरह की भागीदारी है।

जाह्नवी कपूर ने दोहरे रवैये पर उठाए सवाल

एक्ट्रेस ने दोहरे रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग दुनिया के किसी दूसरे कोने में हुई घटनाओं पर दुख और गुस्सा जाहिर करते हैं, लेकिन जब अपने आसपास या पड़ोसी देशों में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार होते हैं, तो नजरें फेर लेते हैं। जाह्नवी ने लिखा कि अगर बांग्लादेश में जो हो रहा है, उसे देखकर आपको गुस्सा नहीं आता, तो यह वही दोहरा व्यवहार है जो हम सबके लिए खतरनाक है। हम दूर की घटनाओं पर रोते हैं, लेकिन अपने भाई-बहनों को जलते हुए देखते रहते हैं।

जाह्नवी कपूर ने कही ये बात

जाह्नवी कपूर ने सांप्रदायिक भेदभाव और कट्टरपंथ की खुलकर निंदा करते हुए कहा कि चाहे कोई पीड़ित हो या आरोपी, किसी भी स्थिति में इंसानियत से ऊपर कुछ नहीं होना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे खुद को सही जानकारी से लैस करें और उन निर्दोष लोगों के लिए खड़े हों, जो नफरत और हिंसा की राजनीति का शिकार हो रहे हैं। गौरतलब है कि हाल ही में बांग्लादेश में दीपू चंद्र दास की कथित तौर पर भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी और बाद में शव को आग के हवाले कर दिया गया।

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