राजकुमार राव का दमदार परफॉर्मेंस लेकिन उलझनों से भरी है इस फिल्म की कहानी
साल 2020 में आई तेलुगू फिल्म 'हिट: द फर्स्ट केस' की हिंदी रीमेक में राजकुमार राव और सान्या मल्होत्रा मुख्य भूमिका में नजर आए. इंस्पेक्टर विक्रम के किरदार में राजकुमार राव दो लड़कियों के मिसिंग केस की गुत्थी को सुलझाने में जुटे हुए हैं.
- Written By: आकाश जायसवाल
राजकुमार राव और सान्या मल्होत्रा (Photo Credits" Instagram)
फिल्म: हिट द फर्स्ट केस
निर्देशक: शैलेश कोलानु
कास्ट: राजकुमार राव, सान्या मल्होत्रा
सम्बंधित ख़बरें
SPMCIL Recruitment 2026: सरकारी कंपनी में डिप्टी और असिस्टेंट मैनेजर की भर्ती, 25 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन
श्रीकांत शिंदे बनेंगे नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री? क्या कहा शिंदे गुट के सिद्धेश कदम ने
सिर्फ लव स्टोरी नहीं, हीलिंग और भरोसे की मिसाल बनी ‘डियर कॉमरेड’, 7 साल बाद भी याद किए जा रहे ये यादगार सीन
High Power Task Force: आधार-UPI के शिल्पकार नंदन नीलेकणि पर PM मोदी ने जताया भरोसा, जानें क्यों बने पहली पसंद
रेटिंग्स: 2.5 स्टार्स
कहानी: साल 2020 में आई तेलुगू फिल्म ‘हिट: द फर्स्ट केस’ की हिंदी रीमेक में राजकुमार राव और सान्या मल्होत्रा मुख्य भूमिका में नजर आए. इंस्पेक्टर विक्रम के किरदार में राजकुमार राव दो लड़कियों के मिसिंग केस की गुत्थी को सुलझाने में जुटे हुए हैं. इसी दरम्यान अपने एक खौफनाक अतीत के चलते वो स्वास्थ्य संबंधित चुनौतियों से भी गुजर रहे हैं. हैरानी की बात ये हैं कि गम हुई लड़कियों में से एक राजकुमार की गर्लफ्रेंड नेहा है जिसका किरदार सान्या मल्होत्रा निभा रही हैं. अपनी गर्लफ्रेंड को बचाने और उसे खोजने में जुटे विक्रम ने कई पेंचीदा रास्तों का सामना किया और अंत में जो बात सामने आती है वो स्तब्ध कर देने वाली है.
अभिनय: राजकुमार यहां एक पुलिस अफसर और प्रेमी, दोनों का किरदार बेहद शानदार ढंग से निभाते दिखे. उनके अंदाज में जहां एक अफसर की गंभीरता है एक प्रेमी के समान पागलपन भी है जो देखने लायक है. सान्या मल्होत्रा यहां चुनिंदा सीन्स में ही नजर आई लेकिन वो अपने किरदार के साथ पूरी तरह न्याय करती दिखी. इसी के साथ मिलिंद गुनाजी का किरदार भी यहां हमें बेहद दिलचस्प और अलग लगा.
म्यूजिक: फिल्म में कोई ऐसा अहम गीत तो नहीं मिलता जो आपकी जुबान पर ठहर जाए लेकिन इसके इंटेंस में बेहद बढ़िया बैकग्राउंड म्यूजिक दिया गया है जो इसके सीन्स को और भी रोमांचक बनाते हैं.
फाइनल टेक: कुलमिलाकर बात करें तो ये एक मिस्ट्री क्राइम थ्रिलर फिल्म है जहां इसके कलाकारों ने बढ़िया परफॉर्मेंस दिया है. फिल्म के साथ मसला ये है कि इसकी कहानी में ट्विस्ट जोड़ने और ड्रामा जोड़ने की हौड़ में निर्देशक शैलेश कोलानु ने इसे इतना खींच दिया है कि एक समय के बाद ये दर्शकों को बोर करने लगेगा. फिल्म की कहानी बेहद धीमी गति से आगे बढ़ती है जिसके चलते ये आपको बोर करेगी. फिल्म में सस्पेंस तो है लेकिन वो रोमांच नहीं जो एक मिस्ट्री फिल्म में देखने को मिलती है.
