एक्टिंग वर्कशॉप में हुई मुलाकात, ऑनस्क्रीन सीता बनीं जीवनसाथी, दिलचस्प हैं गुरमीत चौधरी की लव स्टोरी

Gurmeet Choudhary Struggle Story: गुरमीत चौधरी ने स्ट्रगल के दिनों में मुंबई में चौकीदारी तक की। साल 2008 के धारावाहिक रामायण में राम का किरदार निभाकर उन्हें घर-घर पहचान मिली।
Gurmeet Choudhary birthday struggle story TV Ram Ramayan 2008 serial Debina Bonnerjee love story
गुरमीत चौधरी (फोटो- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Gurmeet Choudhary Birthday Special: टीवी इंडस्ट्री के लोकप्रिय अभिनेता गुरमीत चौधरी आज अपना 42वां जन्मदिन मना रहे हैं। 22 फरवरी 1984 को बिहार के भागलपुर में जन्मे गुरमीत ने अपने करियर में लंबा संघर्ष किया है। आर्मी बैकग्राउंड से आने वाले गुरमीत के पिता सेना में कार्यरत थे, लेकिन गुरमीत का सपना ग्लैमर वर्ल्ड में अपनी पहचान बनाने का था। इसी सपने को पूरा करने के लिए वह मुंबई पहुंचे।

मुंबई की चकाचौंध भरी दुनिया में कदम रखते ही उन्हें सफलता नहीं मिली। शुरुआती दिनों में गुरमीत को लगातार रिजेक्शन झेलने पड़े। हालात ऐसे थे कि गुजारा करने के लिए उन्हें कोलाबा के एक स्टोर में चौकीदारी तक करनी पड़ी। स्ट्रगल के उस दौर में उन्होंने छोटे-मोटे काम किए, लेकिन अभिनय के प्रति उनका जुनून कभी कम नहीं हुआ।

गुरमीत चौधरी का करियर

गुरमीत चौधरी ने अपने करियर की शुरुआत छोटे रोल्स से की, लेकिन असली पहचान उन्हें साल 2008 में आई टीवी सीरियल रामायण से मिली। इस धारावाहिक में भगवान राम का किरदार निभाकर वह घर-घर में ‘टीवी के राम’ के नाम से मशहूर हो गए। उनकी सादगी, भाव-भंगिमा और स्क्रीन प्रेजेंस ने दर्शकों का दिल जीत लिया।

गुरमीत चौधरी-देबिना बनर्जी की ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री

इस सीरियल में माता सीता की भूमिका देबिना बनर्जी ने निभाई थी। दोनों की ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री को खूब पसंद किया गया। दिलचस्प बात यह है कि गुरमीत और देबिना की मुलाकात साल 2004 में एक एक्टिंग वर्कशॉप के दौरान हुई थी। दोस्ती से शुरू हुआ यह रिश्ता प्यार में बदला और साल 2011 में दोनों शादी के बंधन में बंध गए। आज यह कपल टीवी इंडस्ट्री के चर्चित जोड़ों में शुमार है।

गुरमीत चौधरी के रियलिटी शोज

टीवी के अलावा गुरमीत ने रियलिटी शोज और बॉलीवुड फिल्मों में भी काम किया। उन्होंने डांस और स्टंट आधारित रियलिटी शोज में हिस्सा लेकर अपनी बहुमुखी प्रतिभा साबित की। फिल्मों में भी उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदार निभाने की कोशिश की। गुरमीत चौधरी की कहानी इस बात का उदाहरण है कि मेहनत और लगन से किसी भी मुश्किल को पार किया जा सकता है। चौकीदारी से लेकर टीवी के राम बनने तक का उनका सफर प्रेरणादायक है और आज भी वह लाखों युवाओं के लिए मिसाल बने हुए हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com