Governor Day 2: वीकेंड शुरू होते ही बॉक्स ऑफिस पर ‘गवर्नर’ की धाक, मनोज वाजपेयी की फिल्म ने पलट दी बाजी
Manoj Bajpayee Governor Day 2: मनोज बाजपेयी की फिल्म गवर्नर ने रिलीज के दूसरे दिन पकड़ी रफ्तार। वीकेंड की शुरुआत होते ही फिल्म देखने के लिए दर्शकों की संख्या तेजी से बढ़ी।
- Written By: यति सिंह
मनोज बाजपेयी (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
Governor Day 2 Earning: एक संजीदा और रियल स्टोरी पर आधारित इस फिल्म को शुरुआती दिन के मुकाबले बीते शनिवार को दर्शकों का बहुत शानदार साथ मिला।राजनीतिक और आर्थिक पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म गवर्नर की चर्चा पिछले काफी समय से सोशल मीडिया पर चल रही थी। अब जब यह फिल्म सिनेमाघरों में आ चुकी है, तो वीकेंड का पहला दिन इसके लिए बेहद फायदेमंद साबित हुआ है। हर तरफ से मिल रही बेहतरीन समीक्षाओं के चलते दूसरे दिन फिल्म को देखने के लिए लोगों की संख्या में काफी बड़ा उछाल आया है।
फिल्म गवर्नर के रिलीज के दूसरे दिन ही फिल्म ने सिनेमाघरों में अपनी पकड़ को काफी मजबूत कर लिया है। बीते शनिवार को इस फिल्म ने करीब 1.15 करोड़ रुपये का शानदार कलेक्शन किया है। इस नए आंकड़े के साथ ही फिल्म का कुल नेट कलेक्शन इन 2 दिनों में 2.05 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। अगर ग्रॉस कलेक्शन की बात करें तो यह आंकड़ा लगभग 2.46 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। देश भर में फिल्म गवर्नर को सिर्फ 1,431 शोज ही मिले थे, लेकिन कम शोज होने के बावजूद सिनेमाघरों में दर्शकों की ऑक्यूपेंसी 15 % से बढ़कर 17 % हो चुकी है।
बॉक्स ऑफिस पर इन फिल्मों से है मुकाबला
इस समय बॉक्स ऑफिस पर बड़ी फिल्मों के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिल रहा है। दिग्गज अभिनेता मनोज वाजपेयी की फिल्म गवर्नर इस वक्त हॉन्टेड 3डी, पेड्डी, मैं वापस आऊंगा और ‘भारत भाग्य विधाता’ जैसी चर्चित फिल्मों को जमीनी स्तर पर बेहद कड़ी चुनौती दे रही है। दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने के लिए फिल्म मेकर्स ने बुकमायशो पर सिर्फ 90 रुपये में फिल्म का टिकट उपलब्ध कराया गया है, जिसके लिए एक विशेष कोड भी जारी किया गया है।
यह भी पढ़ें: Main Vaapas Aaunga Day 2: दिलजीत दोसांझ को वीकेंड का मिला फायदा! ‘मैं वापस आऊंगा’ ने दूसरे दिन की दमदार कमाई
देश को आर्थिक संकट से बचाने वाले गवर्नर की कहानी
गवर्नर फिल्म आरबीआई के पूर्व गवर्नर एस. वेंकटरमणन की रियल स्टोरी और उनके कार्यकाल पर आधारित है। फिल्म में बेहद बारीकी से दिखाया गया है कि कैसे एक समय में जब देश बेहद गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा था, तब गवर्नर एस. वेंकटरमणन ने अपनी सूझबूझ से देश की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए एक बहुत बड़ी मुहिम छेड़ी थी।
