

Zakir Hussain Death: मशहूर तबला वादक जाकिर हुसैन का निधन हो गया है। उनके निधन की पुष्टि सोमवार को उनके परिवार ने भी की है। वह काफी वक्त से बीमार चल रहे थे। दरअसल, बीते दिन रविवार को भी जाकिर हुसैन के निधन की खबरे फैली थी। लेकिन बाद उसे गलत बताया गया।
हालांकि, बीते दिन जाकिर की बड़ी बहन खुर्शीद औलिया, जो लंदन में रहती हैं। उन्होंने मीडिया से जाकिर हुसैन की मौत की खबर को अफवाह बताया था। साथ ही बोला था कि उनकी बेटी इस वक्त सैन फ्रांसिसको में अस्पताल में है और कुछ वक्त पहले उनकी बेटी ने उन्हें बताया कि जाकिर हुसैन जीवित हैं और उनके मरने की तमाम खबरें झूठी हैं। लेकिन अब सोमवार 16 दिसंबर को सुबह परिवार ने जाकिर हुसैन के निधन की पुष्टि कर दी है।
कौन थे जाकिर हुसैन?
आपको बता दें, जाकिर हुसैन बेहद मशहूर तबला वादक थे और उन्हें इंटरनेशनल लेवल पर जाना जाता था। वहीं 1951 में उस्ताद अल्लाह रक्खा के घर जन्मे जाकिर बचपन से ही बेहद होशियार थे। उन्होंने मात्र 7 साल की उम्र में ही परफॉर्म करना शुरू कर दिया था। इसके बाद उन्होंने दशकों तक अपनी प्रतिभा और नवीनता से तबले में अलग पहचान बनाई। हालांकि, जाकिर हुसैन ने न सिर्फ एक महान तबला वादक थे बल्कि एक बेहतरीन संगीतकार भी थे।
इसके अलावा जाकिर हुसैन ने हीट एंड डस्ट और इन कस्टडी जैसी फिल्मों के लिए म्यूजिक भी दिया था। वहीं उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय बैले और आर्केस्ट्रा प्रोडक्शन के लिए कुछ मैजिकल कंपोजिशन भी बनाई थीं। जिसमें उनके समर्पण, जुनून और कौशल ने उन्हें कई पुरस्कार प्राप्त कराए। साथ ही पद्म भूषण, पद्म श्री और बेस्ट कंटेम्परेरी वर्ल्ड म्यूजिक एल्बम के लिए ग्रैमी अवॉर्ड के लिए भी उन्हें सम्मान मिल चुका है।
सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा जाकिर हुसैन का नाम
वहीं अब संगीत की दुनिया में जाकिर हुसैन का नाम सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। शास्त्रीय संगीत में उन्होंने जो एक अलग पहचान बनाई और उन्होंने जो योगदान दिया है, उसे लंबे वक्त तक याद किया जाएगा। जाकिर हुसैन के निधन की खबर से संबंधियों, दोस्त और फैंस पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और हर कोई उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहा है।