8 साल से टीवी से दूर हैं ‘तारक मेहता’ की दया, दिशा वकानी ने बताया क्यों नहीं करेंगी वापसी

Disha Vakani पिछले 8 सालों से टीवी से दूर हैं। हाल ही में वायरल वीडियो में दिशा ने बताया कि अपनी डिलीवरी के दौरान उन्होंने गायत्री मंत्र का जाप किया था, जिससे उन्हें चमत्कारिक अनुभव हुआ।
8 साल से टीवी से दूर हैं ‘तारक मेहता’ की दया, दिशा वकानी ने बताया क्यों नहीं करेंगी वापसी
दिशा वकानी (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Disha Vakani Distance from TV: टीवी का सबसे लोकप्रिय शो ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ पिछले कई सालों से दर्शकों का मनोरंजन कर रहा है। इस शो के हर किरदार ने लोगों के दिलों में खास जगह बनाई, लेकिन कुछ ऐसे भी चेहरे हैं जो अब शो में नहीं दिखते, फिर भी आज भी उतने ही याद किए जाते हैं। इनमें सबसे खास नाम है दयाबेन यानी दिशा वकानी का।

दिशा वकानी ने ‘दयाबेन’ के किरदार से घर-घर में पहचान बनाई थी। उनकी कॉमिक टाइमिंग, आवाज़ और मासूमियत ने उन्हें दर्शकों की चहेती बना दिया। हालांकि, मां बनने के बाद दिशा ने शो से दूरी बना ली थी। अब दिशा दो बच्चों की मां बन चुकी हैं और लंबे वक्त बाद उन्होंने मदरहुड और अपनी आध्यात्मिक यात्रा पर खुलकर बात की है।

धर्म की राह पर निकलीं दिशा

दिशा वकानी पिछले 8 सालों से टीवी से दूर हैं। हाल ही में उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वो अपनी डिलीवरी के अनुभव को साझा करती नजर आती हैं। दिशा बताती हैं कि अब वो धर्म और अध्यात्म की राह पर चल पड़ी हैं और छोटे पर्दे पर उनकी वापसी की संभावना बहुत कम है। वीडियो में दिशा कहती हैं कि जब मैं प्रेग्नेंट थी, तो किसी ने कहा कि डिलीवरी के वक्त चिल्लाना नहीं है, वरना बच्चा डर जाएगा। मैं सोच में पड़ गई कि दर्द तो होगा ही, चिल्लाए बिना कैसे रहूं? फिर मैंने गायत्री मंत्र जपना शुरू कर दिया। मैंने मुस्कुराते हुए डिलीवरी की, मन में सिर्फ गायत्री माता का स्मरण किया।

गायत्री मंत्र ने दिया चमत्कारिक अनुभव

दिशा आगे कहती हैं कि मैंने आंखें बंद रखीं, मुस्कुराती रही और मेरी बेटी स्तुति ने जन्म लिया। ये मेरे जीवन का सबसे बड़ा चमत्कार था। हर मां को मैं यही कहती हूं कि प्रेग्नेंसी के दौरान गायत्री मंत्र का जाप करें, इससे अपार शक्ति मिलती है और मन शांत रहता है। उन्होंने बताया कि उनके लिए यह अनुभव आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत था। इसके बाद उन्होंने अपने जीवन को पूरी तरह सनातन धर्म और साधना को समर्पित कर दिया। दिशा ने साफ कहा कि अब उनका फोकस परिवार और अध्यात्म पर है। ]मैंने बहुत प्यार और शोहरत पाई, लेकिन अब मुझे शांति चाहिए। जब बेटी और बेटा बड़े होंगे, तभी सोचूंगी कि दोबारा काम करूं या नहीं।

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