क्या फिल्मों के जरिए नैरेटिव सेट कर रहा है बॉलीवुड? इन फिल्मों पर डालें एक नजर

सिनेमा हमेशा से ही समाज का आईना और समाज का मार्गदर्शक कहलाता रहा है। पुराने समय में बेहतरीन कहानी वाली फिल्म बनती थी। लेकिन आज की फिल्मों में एक्शन के नाम पर सिर्फ वायलेंस दिखाया जाता है।
Bollywood trying to set Narrative with Film Like The Kashmir Files Hamare Baarah And Emergency
प्रोपेगेंडा फिल्मों के चलन से दुनिया में बदनाम हुआ बॉलीवुड?
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मुंबई: बॉलीवुड पर इस समय फिल्मों के जरिए नैरेटिव सेट करने का आरोप लग रहा है। पुराने समय में बेहतरीन कहानियों पर फिल्म बनाई जाती थी लेकिन अब बॉलीवुड की फिल्मों में एक्शन के नाम पर सिर्फ वायलेंस परोसा जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ संवेदनशील मुद्दों पर बना रही फिल्मों पर आरोप लगते हैं कि ये समाज के एक पक्ष के खिलाफ प्रोपेगेंडा फ़ैलाने के लिए बनाई गई हैं।

कुछ फिल्मों पर आरोप है कि ये समाज के किसी एक पक्ष को भड़काने के मकसद से बनाई जा रही हैं। वहीं बॉलीवुड की कई फिल्मों पर नॉरेटिव सेट करने का आरोप भी लग चुका है। आइए जानते हैं ऐसी कौन सी फिल्में है जिन पर इस तरह का आरोप लगा है।

द कश्मीर फाइल्स की आलोचना 

साल 2022 में आई फिल्म द कश्मीर फाइल्स सुर्खियों में रही, इसे एक प्रोपेगेंडा फिल्म बताया गया, फिल्म पर मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाने का आरोप लगा। यह भी कहा गया कि फिल्म को एक तरफा दृष्टिकोण से पेश किया गया है। फिल्म में फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की कविता को तोड़ मरोड़ कर पेश करने की कोशिश की गई। फिल्म पर यह भी आरोप लगा कि इसमें पंडितों की कानून की लड़ाई और न्यायपालिका की भूमिका को नहीं दिखाया गया। अटल बिहारी वाजपेई जैसे प्रधानमंत्री का सूक्ष्म रूप से उपवास किया गया। इजरायली फिल्म निर्माता और गोवा में हुए इंटरनैशनल फिल्म फेस्टिवल के के जुरी नदाव लपिड ने इसे एक प्रोपेगेंडा और भद्दी फिल्म बताया जबकि देशभर में इस फिल्म को काफी पसंद किया गया। इसने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त प्रदर्शन किया। भारत में ही इस फिल्म को मिली जुली प्रतिक्रिया मिली, कुछ फिल्म को बेहतरीन बता रहे थे, तो कुछ लोगों ने इसकी आलोचना की।

हमारे बारह फिल्म की आलोचना 

द कश्मीर फाइल्स के अलावा हमारे 12 नाम की एक फिल्म आई थी इस फिल्म पर भी मुस्लिम समुदाय ने अपमान किए जाने का आरोप लगाया था। कहा यह गया कि फिल्म के माध्यम से यह जताने की कोशिश की जा रही है कि जनसंख्या वृद्धि के लिए मुसलमान समुदाय जिम्मेदार हैं। फिल्म में अनु कपूर ने ऐसे खलनायक की भूमिका निभाई थी जो धर्म के नाम पर अपने परिवार को प्रताड़ित करने के लिए तैयार रहता है। फिल्म पर यह भी आरोप लगा कि इसमें कुरान की बातों को गलत तरीके से पेश किया गया है।

कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी पर विवाद

कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी अभी रिलीज नहीं हुई है। लेकिन रिलीज होने से पहले इस फिल्म पर भी खूब बवाल हुआ। फिल्म के दृश्यों को देखने के बाद यह कहा गया कि इसमें कुछ दृश्य जबरदस्ती विवाद पैदा करने के लिए रखे गए हैं। इतना ही नहीं सेंसर बोर्ड ने फिल्म के टीम से कई दृश्यों के लिए डॉक्यूमेंट पेश करने की भी बात की। क्योंकि उन्हें कई दृश्य असली घटना से अलग लग रहे थे। आपको बता दें कि कंगना रनौत की अपकमिंग फिल्म इमरजेंसी इंदिरा गांधी द्वारा घोषित किए गए आपातकाल पर आधारित है। हालांकि फिल्म को सेंसर बोर्ड की तरफ से अब स्वीकृति मिल गई है और जल्दी यह फिल्म सिनेमाघर में रिलीज होगी। लेकिन जिस तरह से फिल्मों को लेकर शिकायत की जा रही है। विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि बॉलीवुड में इस समय फिल्मों के जरिए नैरेटिव सेट करने का जो आरोप लग रहा है वह पूरी तरह से निराधार नहीं है।

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