750 रुपये के लालच में शुरू हुई करियर की कहानी, ‘लाहौर’ के लिए मिला फारुख शेख को नेशनल अवॉर्ड
Farooq Sheikh ने 1977 से 1989 तक केवल 50 फिल्मों में काम किया और टीवी पर भी अलग पहचान बनाई। 2010 में उन्हें फिल्म लाहौर के लिए नेशनल अवॉर्ड मिला। फारुख शेख का जन्म 25 मार्च 1948 को गुजरात में हुआ था।
- Written By: सोनाली झा
फारुख शेख (फोटो- सोशल मीडिया)
Farooq Sheikh Birth Anniversary Special Story: फारुख शेख ने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। 80 के दशक में जब बॉलीवुड में कमर्शियल फिल्मों का दौर चल रहा था, फारुख आर्ट फिल्मों में अपनी काबिलियत दिखाते रहे। उन्होंने अपने करियर में केवल 50 फिल्मों में अभिनय किया, लेकिन हर किरदार में अपनी छाप छोड़ी।
साल 2010 में फारुख शेख को फिल्म ‘लाहौर’ में बेहतरीन अभिनय के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला। यह पुरस्कार उनके अभिनय की गुणवत्ता और उनके समर्पण का सम्मान था। फारुख शेख का जन्म 25 मार्च 1948 को गुजरात के अमरोली में हुआ। परिवार में सबसे बड़े होने के कारण उन्होंने हमेशा जिम्मेदारी का उदाहरण पेश किया। उनके पिता मुस्तफा शेख वकील थे।
टेलीविजन में भी की धाक
फारुख शेख बचपन में वकील बनने का सपना देखते थे। कॉलेज के दिनों में उनकी मुलाकात पत्नी रुपा से हुई और दोनों अक्सर थियेटर परफॉर्मेंस में जाते रहे। यही समय था जब फारुख ने एक्टिंग की ओर रुख किया। फारुख शेख ने 1999 से 2002 तक टीवी पर भी अपनी पहचान बनाई। शो और धारावाहिकों में उनके अभिनय ने दर्शकों का मन मोह लिया। उनके सरल स्वभाव और विनम्रता ने उन्हें दर्शकों का प्रिय सितारा बना दिया।
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सिनेमा के पीछे की कहानी
क्विंट में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक, फारुख शेख ने बताया कि उन्होंने फिल्म ‘गर्म हवा’ 750 रुपये के लालच में साइन की थी। इस फिल्म के डायरेक्टर एमएस सत्यु ने उन्हें यह राशि मेहनताना के तौर पर दी। फारुख ने कहा कि यह पैसे उन्हें अगले 20 साल में मिले। फारुख कभी खुद को स्टार नहीं मानते थे। उनके अनुसार, लोग उन्हें देखकर मुस्कुराते और हाथ हिलाते थे, लेकिन फिल्मी दुनिया के चमक-दमक से उनका कभी वास्ता नहीं रहा।
विरासत और यादें
फारुख शेख ने 27 दिसंबर 2013 को दुबई में दुनिया को अलविदा कहा। लेकिन उनका योगदान और अभिनय की यादें आज भी फिल्म और टीवी प्रेमियों के दिलों में जीवित हैं। उनके जन्मदिन पर गूगल ने उन्हें डूडल बनाकर याद किया, जो उनके सम्मान और लोकप्रियता का प्रतीक है। फारुख शेख ने अपने करियर में सीमित फिल्मों के बावजूद दर्शकों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी और सरलता, मेहनत और प्रतिभा का उदाहरण कायम किया।
