

Bindu Birthday Special Story: हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री बिंदू ने 70 और 80 के दशक में अपने निगेटिव किरदारों और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस से खास पहचान बनाई, आज भी अपनी निजी जिंदगी के एक दर्दनाक हादसे को याद कर भावुक हो जाती हैं। एक समय था जब वह अपने करियर के साथ-साथ परिवार बसाने का सपना देख रही थीं, लेकिन एक घटना ने उनकी जिंदगी की दिशा ही बदल दी।
गुजरात के वलसाड में जन्मीं बिंदू ने बहुत कम उम्र में ही जिम्मेदारियों का बोझ उठा लिया था। महज 13 साल की उम्र में पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। यही वजह रही कि उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ काम करना शुरू किया और धीरे-धीरे फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा। 1962 में आई फिल्म अनपढ़ से बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट अपने करियर की शुरुआत करने वाली बिंदू को असली पहचान 1969 की फिल्मों दो रास्ते और इत्तेफाक से मिली।
बिंदू को कटी पतंग और जंजीर जैसी फिल्मों ने ‘मोना डार्लिंग’ के रूप में अमर कर दिया। बिंदू ने महज 16 साल की उम्र में बिजनेसमैन चंपकलाल जवेरी से शादी कर ली थी। दोनों की लव स्टोरी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी। परिवार के विरोध के बावजूद दोनों ने अपने रिश्ते को आगे बढ़ाया और शादी की। शादी के बाद ही बिंदू के करियर को नई उड़ान मिली और उन्होंने एक के बाद एक कई हिट फिल्मों में काम किया।
1977 से 1980 के बीच का समय बिंदू के लिए बेहद कठिन रहा। इस दौरान उन्होंने मां बनने का सपना देखा और प्रेग्नेंट भी हुईं। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। प्रेग्नेंसी के सातवें महीने में उनका मिसकैरेज हो गया, जिसने उन्हें पूरी तरह तोड़कर रख दिया। इस हादसे के बाद वह दोबारा कभी मां नहीं बन पाईं। बिंदू ने कई इंटरव्यू में स्वीकार किया है कि यह दर्द आज भी उनके दिल में जिंदा है। उनके पति भी इस घटना से गहरे आहत हुए थे।
जहां एक ओर बिंदू ने मस्ती, नो एंट्री और हाउसफुल जैसी फिल्मों में काम कर दर्शकों का दिल जीता, वहीं निजी जिंदगी में मां न बन पाने का दर्द हमेशा उनके साथ रहा। उन्होंने अपने अभिनय से बॉलीवुड में एक अलग पहचान बनाई, लेकिन जिंदगी के इस अधूरे पहलू ने उन्हें अंदर से झकझोर कर रख दिया। बिंदू ने एक इंटरव्यू में कहा था कि कभी-कभी उन्हें और उनके पति को अपने उस बच्चे की याद आती है, जो आज जिंदा होता तो करीब 30 साल का होता।