Special Story: पर्दे से परे भी कायम रहा रिश्ता, असरानी ने बीमारी में रखा राजेश खन्ना का ख्याल
Asrani Rajesh And Khanna Friendship: असरानी और राजेश खन्ना की दोस्ती बॉलीवुड की सबसे सच्ची मिसालों में गिनी जाती है। बीमारी के दौर में असरानी ने भाई की तरह राजेश खन्ना का ख्याल रखा।
- Written By: सोनाली झा
असरानी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Asrani birth Anniversary Special Story: हिंदी सिनेमा की दुनिया में जहां रिश्ते अक्सर काम और मौके तक सीमित रह जाते हैं, वहीं कुछ दोस्तियां ऐसी भी होती हैं जो समय, सफलता और हालात की हर परीक्षा में खरी उतरती हैं। दिग्गज अभिनेता गोवर्धन असरानी और सुपरस्टार राजेश खन्ना की दोस्ती ऐसी ही एक मिसाल है, जिसे आज भी बॉलीवुड में ईमानदारी और अपनापन की पहचान माना जाता है। असरानी की जयंती के मौके पर उनकी और राजेश खन्ना की यह अनोखी दोस्ती एक बार फिर याद की जा रही है।
असरानी और राजेश खन्ना ने करीब 25 फिल्मों में साथ काम किया। पर्दे पर उनकी जोड़ी जितनी सहज लगती थी, असल जिंदगी में उनका रिश्ता उससे कहीं ज्यादा गहरा था। राजेश खन्ना असरानी को सिर्फ सह-कलाकार नहीं, बल्कि अपने छोटे भाई की तरह मानते थे। दोनों के बीच का रिश्ता आपसी सम्मान और भरोसे पर टिका था, जो लंबे समय तक कायम रहा।
असरानी का करियर
1 जनवरी 1941 को जयपुर में जन्मे असरानी का पूरा नाम गोवर्धन असरानी था। सिंधी परिवार से ताल्लुक रखने वाले असरानी का बचपन व्यापारिक माहौल में बीता, लेकिन उनका रुझान शुरू से ही कला और अभिनय की ओर था। पढ़ाई के दौरान उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो, जयपुर में वॉयस आर्टिस्ट के रूप में काम किया, जिससे उनकी आवाज और प्रस्तुति को पहचान मिली। बाद में मुंबई आकर उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा और सहायक भूमिकाओं से अपने करियर की नींव रखी।
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असरानी की फिल्में
‘शोले’ में जेलर का किरदार असरानी के करियर का सबसे यादगार रोल साबित हुआ, जिसने उन्हें घर-घर पहचान दिलाई। हालांकि, उनका अभिनय सिर्फ कॉमेडी तक सीमित नहीं था। उन्होंने गंभीर और संवेदनशील भूमिकाओं में भी अपनी छाप छोड़ी। राजेश खन्ना के साथ उनकी दोस्ती इसी दौर में और मजबूत हुई। ‘बावर्ची’, ‘नमक हराम’, ‘अजनबी’, ‘आपकी कसम’, ‘अनुरोध’ और ‘मास्टरजी’ जैसी फिल्मों में दोनों की केमिस्ट्री दर्शकों को खूब पसंद आई।
असरानी और राजेश खन्ना की दोस्ती
दोस्ती की सच्ची परीक्षा तब हुई जब राजेश खन्ना बीमार पड़े। उस मुश्किल वक्त में असरानी एक सच्चे भाई की तरह उनके साथ खड़े रहे और उनका पूरा ख्याल रखा। यही वजह थी कि राजेश खन्ना सार्वजनिक तौर पर भी असरानी के लिए सम्मान और अपनापन जताते थे। असरानी ने अपने 50 साल से अधिक लंबे करियर में 350 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और हिंदी सिनेमा को अमूल्य योगदान दिया। 20 अक्टूबर 2025 को उनके निधन से फिल्म जगत को गहरा सदमा पहुंचा, लेकिन राजेश खन्ना के साथ उनकी दोस्ती आज भी मिसाल के तौर पर याद की जाती है।
