

Apara Mehta On Women Empowerment: टेलीविजन की दुनिया में जब भी कोई नया शो आता है, दर्शकों की उत्सुकता बढ़ जाती है। इन दिनों सन नियो चैनल पर प्रसारित होने वाला शो 'प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी' चर्चा में है। इस शो में दिग्गज अभिनेत्री अपरा मेहता राजेश्री बुआ के किरदार में हैं, जो अपने परिवार की सबसे बड़ी और रूढ़िवादी महिला हैं। वह परंपराओं का पालन करना बेहद अहम मानती हैं, लेकिन असल जिंदगी में उनके विचार अपने किरदार से बेहद अलग हैं।
अपने प्रगतिशील विचार साझा करते हुए अपरा मेहता ने कहा, "मेरा मानना है कि पुराने रीति-रिवाजों और संस्कारों के पालन से ही परिवार में सम्मान और एकता बनी रहती है, लेकिन अब समय बदल रहा है। महिलाओं को बराबरी का हक मिलना चाहिए। उन्हें हर अवसर मिलना चाहिए ताकि वे अपने दम पर मजबूत बन सकें। हम 21वीं सदी में 25 साल आगे बढ़ चुके हैं और अब पुराने और पिछड़े नियमों को छोड़ देना चाहिए। महिलाओं को शिक्षा, स्वतंत्रता और रोजगार के मौके मिलने चाहिए ताकि वे अपने फैसले खुद ले सकें और अपने पैरों पर खड़ी हो सकें।"
अपने लंबे टीवी करियर को लेकर अपरा मेहता ने कहा कि उन्होंने अब तक लगभग 35 डेली शो किए हैं और लगभग सभी बड़े चैनलों के साथ काम किया है। उन्होंने बताया कि जब छह महीने के ब्रेक के बाद उन्होंने 'बींदणी' का कॉन्सेप्ट और अपने किरदार को समझा, तो उन्हें लगा कि यही शो उनके लिए सही है। उन्होंने कहानी की नवीनता के कारण इसे तुरंत जॉइन करने का फैसला किया।
अपरा मेहता ने पहली बार शो में राजस्थानी पोशाक पहनी, जिसे वह बेहद पसंद कर रही हैं। उन्होंने अपने किरदार राजेश्री बुआ के बारे में विस्तार से बताया। "राजेश्री बुआ का मेरा किरदार शो में बड़ी गंभीरता और गरिमा के साथ पेश किया गया है। बुआ परिवार की सबसे बड़ी सदस्य हैं और सभी का सम्मान उनके शब्दों और फैसलों से जुड़ा है। वह पुराने रीति-रिवाजों और परंपराओं में गहरा विश्वास करती हैं।"
अपरा मेहता का यह किरदार उनके निजी विचारों के बिल्कुल विपरीत है, जो एक कलाकार के रूप में उनकी बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाता है। एक तरफ वह पर्दे पर रूढ़िवादी बुआ का रोल निभा रही हैं, तो दूसरी तरफ वह वास्तविक जीवन में महिलाओं की स्वतंत्रता और प्रगतिशील समाज की वकालत करती हैं। सन नियो चैनल के साथ उनका यह नया जुड़ाव उनके करियर में एक नया और खास अध्याय जोड़ रहा है।