

Ankit Baliyan Murder Case: उत्तर प्रदेश के शामली जिले को दहला देने वाले फेमस हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर अंकित बालियान हत्याकांड में यूपी पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स को एक बेहद अहम सफलता हाथ लगी है। इस वारदात को बेखौफ अंदाज में अंजाम देने वाले 4 शूटरों की पहचान एसटीएफ द्वारा कर ली गई है। जांच में सामने आया है कि ये सभी आरोपी हरियाणा के हिसार और रोहतक जिलों के रहने वाले हैं। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद अब पुलिस की कई टीमें आरोपियों को शिकंजे में लेने के लिए हरियाणा और दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं।
पुलिस की पड़ताल में चारों बदमाशों के बारे में चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। एसटीएफ के अनुसार इन 4 शूटरों में से एक आरोपी पहले भी हत्या के गंभीर मामले में जेल जा चुका है और उसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वहीं, बाकी के 3 आरोपी भी छोटे-मोटे अपराधों में शामिल रहे हैं। यूपी पुलिस ने इन सभी की पूरी हिस्ट्री और इनके पुराने संपर्कों का ब्योरा जुटा लिया है। जांच एजेंसियां अब इस बात की तह तक जाने में जुटी हैं कि इस मर्डर केस का असली मास्टरमाइंड कौन है और इन शूटरों को भाड़े पर किसने तैयार किया था।
जैसे ही यूपी एसटीएफ और स्थानीय पुलिस को शूटरों के बारे में पुख्ता सुराग मिले, पुलिस की टीमों ने फौरन एक्शन लेते हुए हरियाणा में आरोपियों के ठिकानों पर दबिश देनी शुरू कर दी। पुलिस ने बदमाशों के परिवार वालों और करीबियों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ शुरू की। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई और रिश्तेदारों तक पहुंचने की भनक मिलते ही चारों शूटरों ने अपने मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर लिए और वे अचानक अंडरग्राउंड हो गए। फिलहाल स्पेशल पुलिस टीमें उनके हर संभावित ठिकाने पर नजर बनाए हुए हैं और लगातार उनकी लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश कर रही हैं।
वारदात के समय इस्तेमाल किए गए हथियारों को लेकर भी जांच टीम के हाथ बेहद जरूरी जानकारियां लगी हैं। जांच अधिकारियों के अनुसार, इस हत्या में 2 अलग-अलग बोर की ऑटोमेटिक पिस्टल का इस्तेमाल किया गया था। हमलावरों ने 32 और 30 कैलिबर की गोलियां चलाई थीं, जिनमें 30 कैलिबर की कारतूसों का इस्तेमाल सबसे ज्यादा हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए मेरठ जोन के 7 जिलों की पुलिस की 8 स्पेशल टीमें लगाई गई हैं। पुलिस केवल शूटरों को पकड़ने पर ही नहीं, बल्कि उस पूरे नेटवर्क को तोड़ने में लगी है जिसने इस साजिश को रचने में मदद की थी।
यूपी पुलिस का जांच दायरा केवल शूटरों की तलाश तक सीमित नहीं है। जांच अधिकारी मृतक अंकित बालियान के फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड और व्हाट्सएप चैट हिस्ट्री को भी गहराई से खंगाल रहे हैं। इसके जरिए उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है जो पर्दे के पीछे रहकर इस पूरे मामले में मददगार बने थे। यूपी पुलिस प्रशासन का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर इस पूरे हत्याकांड की साजिश का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।