

Amrish Puri Slap To Smita Patil: बॉलीवुड फिल्म भूमिका में स्मिता पाटिल और अमरीश पुरी ने अहम भूमिकाएं निभाई थीं। अब इस फिल्म से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा एक बार फिर चर्चा में है, जिसमें अमरीश पुरी ने शूटिंग के दौरान स्मिता पाटिल को असल में थप्पड़ मार दिया था। इस घटना का खुलासा खुद अमरीश पुरी ने एक पुराने टॉक शो में किया था।
अमरीश पुरी ने कहा कि फिल्म के एक महत्वपूर्ण सीन में उनके किरदार को स्मिता पाटिल के किरदार को रोकना था और गुस्से में थप्पड़ मारना था। निर्देशक श्याम बेनेगल चाहते थे कि यह सीन पूरी तरह रियल दिखाई दे। अमरीश पुरी के मुताबिक, शूटिंग शुरू होने से पहले उनके मन में विचार आया कि यदि थप्पड़ सचमुच मारा जाए तो सीन की भावनाएं अधिक स्वाभाविक नजर आएंगी। उन्होंने इस बारे में श्याम बेनेगल से चर्चा की और निर्देशक ने उनकी बात मान ली।
सबसे दिलचस्प बात यह थी कि स्मिता पाटिल को इस योजना की कोई जानकारी नहीं दी गई थी। जब कैमरा रोल हुआ और सीन की शूटिंग शुरू हुई, तब अमरीश पुरी ने अचानक उन्हें वास्तविक थप्पड़ मार दिया। अचानक हुई इस घटना से स्मिता पाटिल के चेहरे पर जो भाव आए, वे पूरी तरह स्वाभाविक थे। अमरीश पुरी का मानना था कि दर्शक फिल्म में उस सीन को देखकर आसानी से महसूस कर सकते हैं कि प्रतिक्रिया अभिनय नहीं, बल्कि वास्तविक भावनाओं का परिणाम थी।
भूमिका का निर्देशन श्याम बेनेगल ने किया था। फिल्म मशहूर मराठी अभिनेत्री हंसा वाडकर की आत्मकथा ‘सांगते ऐका’ से प्रेरित थी। इसमें एक अभिनेत्री के संघर्ष, रिश्तों और निजी जीवन की जटिलताओं को बेहद संवेदनशील तरीके से दिखाया गया था। फिल्म में स्मिता पाटिल और अमरीश पुरी के अलावा अमोल पालेकर, अनंत नाग और नसीरुद्दीन शाह भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आए थे।
अमरीश पुरी और स्मिता पाटिल की जोड़ी भारतीय सिनेमा की सबसे प्रभावशाली जोड़ियों में गिनी जाती है। दोनों कलाकारों ने अपने करियर में करीब 16 फिल्मों में साथ काम किया। उनकी पहली फिल्म निशांत थी, जबकि आखिरी बार वे वारिस में साथ नजर आए थे। आज भी ‘भूमिका’ और उससे जुड़े ऐसे किस्से भारतीय सिनेमा के सुनहरे दौर की याद दिलाते हैं, जब कलाकार अपने किरदारों को जीवंत बनाने के लिए हर संभव प्रयास करते थे।