

नेटफ्लिक्स की अक्का में महिलाओं की सत्ता की कहानी
कीर्ति सुरेश और राधिका आप्टे की दमदार एक्टिंग
महिला गैंगस्टर सिंडिकेट और बदले की दिलचस्प कहानी
Netflix Web Series Akka Review: नेटफ्लिक्स पर हाल ही में महिला सशक्तीकरण से जुड़ी एक बेहतरीन वेब सीरीज रिलीज हुई है। क्राइम थ्रिलर सीरीज अक्का की कहानी महिलाओं के वर्चस्व और उनकी सत्ता के इर्द-गिर्द घूमती हुई नजर आती है।
यशराज फिल्म्स एंटरटेनमेंट के द्वारा प्रोड्यूस इस वेब सीरीज का डायरेक्शन धर्मराज शेट्टी ने किया है। इस वेबसीरीज की कहानी 1980 के दशक के काल्पनिक दक्षिण भारतीय शहर पेरुनुरु की पृष्ठभूमि पर बनी यह कहानी महिलाओं के एक शक्तिशाली गैंगस्टर सिंडिकेट, उनकी परंपराओं और सत्ता की लड़ाई पर आधारित है। इस सीरीज में कीर्ति सुरेश और राधिका आप्टे अहम भूमिका निभाते हुए नजर आने वाली हैं।
नेटफ्लिक्स की ये वेब सीरीज महिला गैंगस्टर सिंडिकेट, पारिवारिक विरासत, सत्ता संघर्ष और बदले की कहानी को एक साथ पेश करती है। कीर्ति सुरेश और राधिका आप्टे की दमदार एक्टिंग दर्शकों का दिल जीत लेगी। अक्का में शानदार प्रोडक्शन डिजाइन और प्रभावशाली एक्शन इसे बाकी वेब सीरीज से काफी अलग दिखाता है।
समय के अलग-अलग हिस्सों में घूमती कहानी ऑडियंस को स्क्रीन से जोड़कर रखती है। अगर आप ऐसी क्राइम थ्रिलर देखना पसंद करते है जिसमें महिलाओं महिलाओं के वर्चस्व वाली एक अलग दुनिया और दमदार महिला किरदारों हो, तो ये वेब सीरीज आपको काफी पसंद आ सकती है।
अक्का वेब सीरीज में राधिका आप्टे की दमदार एक्टिंग इसे और भी खास बनाती है। रुद्रा के किरदार में राधिका आप्टे बदले की भावना और महत्वाकांक्षा से भरी रुद्र पेरुनुरु की सत्ता को चुनौती देने आती है। उसके किरदार में कई लेयर हैं, जो कहानी को और भी ज्यादा इंटरेस्टिंग बनाती हैं।
वहीं दूसरी ओर भवानी का किरदार निभाने वाली कीर्ति सुरेश कमजोरी, गुस्से और जिम्मेदारी के बीच बैलेंस बनाती हुई नजर आती है। वह अपने परिवार की विरासत और इलाके के बिजनेस पर बने कंट्रोल को अपने हाथों में रखकर बचाने की कोशिश करती है। इस वेब सीरीज में भवानी के किरदार को परिवार के बुजुर्ग सदस्यों की मौत और बदलते हालात के बीच उन्हें कई कठिन फैसले लेने पड़ते हैं। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, वैसे-वैसे रुद्रा के अतीत से जुड़े राज भी ऑडियंस के सामने आने लगते हैं।
इस वेब सीरीज में तन्वी आजमी के अलावा अंशुमान पुष्कर और महेश मांजरेकर भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। पुरुष किरदार कहानी का हिस्सा जरूर हैं, लेकिन पेरुनुरु की सत्ता और फैसलों पर महिलाओं का ही नियंत्रण है। महेश मांजरेकर का किरदार कहानी के पहले हिस्से के अंतिम पड़ाव में एक अहम खुलासा करता है।