इस जवाब ने ऐश्वर्या राय को बनाया था मिस वर्ल्ड 1994, दया और इंसानियत की मिसाल बनीं भारत की सुंदरी

Aishwarya Rai Miss World 1994: 1994 में साउथ अफ्रीका में आयोजित मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में ऐश्वर्या राय बच्चन ने 87 देशों की सुंदरियों को पीछे छोड़कर विश्व सुंदरी का ताज जीता था।
इस जवाब ने ऐश्वर्या राय को बनाया था मिस वर्ल्ड 1994, दया और इंसानियत की मिसाल बनीं भारत की सुंदरी
ऐश्वर्या राय (फोटो- सोशल मीडिया)
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Aishwarya Rai Birthday Special Story: बॉलीवुड की टैलेंटेड और खूबसूरत डीवा ऐश्वर्या राय बच्चन ने महज 21 साल की उम्र में दुनियाभर में नाम कमा लिया था। फिल्मों में आने से पहले ही एक्ट्रेस ने विश्व सुंदरी का ताज अपने नाम कर अन्तर्राष्ट्रीय मंच पर भारत का सिर गर्व से ऊंचा किया था। 1994 में हुए इस ब्यूटी पेजेंट में ऐश्वर्या ने 87 देशों की सुंदरियों को हराकर यह खिताब जीता था।

ऐश्वर्या राय बच्चन आज यानी 1 नवंबर को अपना 52वां जन्मदिन मना रही हैं। ऐश्वर्या राय ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत डायरेक्टर मणि रत्नम की तमिल फिल्म 'इरुवर' से की थी। इसके बाद उन्होंने 1997 में हिंदी फिल्म 'और प्यार हो गया' के साथ बॉलीवुड में कदम रखा था। इस फिल्म में उनके हीरो बॉबी देओल थे। इन सालों में एक्ट्रेस ने कई उपलब्धियां हासिल कीं, लेकिन इनमें से सबसे खास उनका मिस वर्ल्ड का ताज रहा। आइए आपको बताते हैं कि किस सवाल के जवाब ने ऐश्वर्या की जिंदगी को बस कुछ मिनटों में हमेशा के लिए बदल कर रख दिया था।

ऐश्वर्या राय बच्चन से पूछा गया था ये सवाल

19 नवंबर 1994 को मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता साउथ अफ्रीका में आयोजित किया गया था। यह ब्यूटी पेजेंट का 44वां एडिशन था। जहां ऐश्वर्या, मिस इंडिया रनर अप चुने जाने के बाद पहुंची थीं। प्रतियोगिता में एक्ट्रेस ने अपनी खूबसूरती और एलिगेंस से हर किसी को इंप्रेस किया। मिस वर्ल्ड के इस मंच पर ऐश्वर्या से आखिरी सवाल पूछा गया, जिसके जवाब ने उन्हें विश्व सुंदरी बना दिया। जजेस ने उनसे पूछा कि मिस वर्ल्ड में क्या खूबियां होनी चाहिए?

ऐश्वर्या राय बच्चन का लाजवाब जवाब

ऐश्वर्या ने इस सवाल के जवाब में कहा कि हमने अब तक जितनी भी मिस वर्ल्ड देखी हैं, उन सभी में दया भाव था। अमीर हो या गरीब, हर वर्ग के लोगों को अपना समझती थीं। हमने ऐसे लोगों को देखा है, जो इंसानों के बनाए नियमों से परे जाकर देख सकते हैं। वो लोग भेदभाव को दरकिनार कर इंसानियत को अहमियत देते हैं। हमें उनसे भी आगे बढ़कर देखने की जरूरत है और जो ऐसा करेगी, वही एक सच्ची विश्व सुंदरी होगी, एक असल इंसान होगी।

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