

Assembly Election 2026: देश के दो राज्यों, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में नई सरकार चुनने के लिए मतदाता अपने घरों से भारी संख्या में बाहर निकल रहे हैं। सुबह सात बजे जैसे ही मतदान केंद्रों के दरवाजे खुले, वहां लोगों की लंबी कतारें नजर आने लगीं।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा साझा किए गए शुरुआती आंकड़े बताते हैं कि इस बार जनता में मतदान को लेकर एक अलग ही स्तर की जागरूकता और जोश है, जो भविष्य के सियासी समीकरणों की ओर इशारा कर रहा है।
पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर हो रहा है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 9 बजे तक पूरे राज्य में 18.76 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। जिलों की बात करें तो पश्चिम मेदिनीपुर में मतदाताओं का सबसे अधिक उत्साह देखने को मिला, जहां शुरुआती दो घंटों में ही 20.51 प्रतिशत वोट गिर चुके थे। इसके ठीक पीछे बांकुड़ा जिला रहा, जहां 20.20 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। झाड़ग्राम में भी 19.54 प्रतिशत की अच्छी वोटिंग दर्ज की गई है। हालांकि, मालदा जिले में मतदान की गति थोड़ी धीमी रही, जहां केवल 16.96 प्रतिशत वोट पड़े। उत्तर से लेकर दक्षिण बंगाल तक, मतदान केंद्रों के बाहर का नजारा यह बता रहा है कि लोग व्यवस्था में बदलाव या मजबूती के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
दक्षिण भारत के सियासी गढ़ तमिलनाडु में भी चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर है। राज्य की सभी 234 सीटों पर एक साथ मतदान शुरू हुआ है, जिसमें करीब 5.73 करोड़ मतदाता अपने पसंदीदा उम्मीदवार का चुनाव कर रहे हैं। सुबह 9 बजे तक तमिलनाडु में 17.69 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। तिरुप्पुर जिले के मतदाताओं ने अब तक सबसे ज्यादा फुर्ती दिखाई है, जहां 20.38 प्रतिशत वोटिंग हो चुकी है। इसके विपरीत रामनाथपुरम में मतदान की रफ्तार फिलहाल सबसे कम 15.54 प्रतिशत पर बनी हुई है। तमिलनाडु का यह चुनाव कई मायनों में ऐतिहासिक है क्योंकि यहां 4,023 उम्मीदवार मैदान में हैं और मुकाबला बहुकोणीय होता दिख रहा है। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि हर नागरिक बिना किसी डर के अपना वोट डाल सके।
इस चुनावी महाकुंभ में कई बड़े राजनीतिक चेहरों और दलों का भविष्य तय होने वाला है। तमिलनाडु में मुख्य मुकाबला एमडीएम और एआईएडीएमके के बीच माना जा रहा है, लेकिन नाम तमिलर काची और तमिलगा वेत्री कझगम जैसी पार्टियां भी कड़ा मुकाबला दे रही हैं।
वहीं पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान में कूचबिहार, दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी और बीरभूम जैसे महत्वपूर्ण जिले शामिल हैं। बंगाल में सत्ता की चाबी किसके पास जाएगी, इसका एक बड़ा संकेत आज के मतदान प्रतिशत से मिल सकता है। दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को शेष 142 सीटों के लिए होगा। पूरे देश की नजरें अब 4 मई पर टिकी हैं, जब इन मतपेटियों से जनता का फैसला सामने आएगा। फिलहाल, मतदान केंद्रों पर बढ़ती भीड़ लोकतंत्र की मजबूती का सुखद संदेश दे रही है।