एग्जिट पोल और ओपिनियन पोल में क्या होता है अंतर, चुनाव रिजल्ट से कैसे होते हैं इतने अलग? जानें पूरी बात

Opinion Poll vs Exit Poll: दूसरे चरण की वोटिंग के साथ ही आज शाम 6:30 बजे आएंगे एग्जिट पोल। जानें ओपिनियन पोल और एग्जिट पोल में क्या है अंतर और 4 मई को आने वाले नतीजों से ये कितने अलग होते हैं।
Opinion Poll vs Exit Poll
Opinion Poll vs Exit Poll: डिजाइन फोटो (नवभारत)
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Opinion Poll vs Exit Poll Difference: पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग जारी है। इसी के साथ मतदान समाप्त हो जाएगा और लोगों की नजरें आज शाम आने वाले एग्जिट पोल पर टिकी हुई हैं। इस एग्जिट पोल में पश्चिम बंगाल के अलावा 3 अन्य राज्यों असम, केरल, तमिलाडु और एक केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी भी शामिल है। भारत में चुनावों की घोषणा होते ही दो शब्दों की सबसे ज्यादा चर्चा होती हैं। एक ओपिनियन पोल और दूसरा एग्जिट पोल…

ऐसे में सबके मन में एक बड़ा सवाल यह होता है कि ओपिनियन पोल और एग्जिट पोल में क्या अंतर है और यह असली नतीजों से कितने अलग होते हैं?

क्या होता है ओपिनियन पोल?

बता दें कि ओपिनियन पोल चुनाव से पहले कराया जाता है। इसमें मतदाताओं से पूछा जाता है कि वो किस पार्टी या उम्मीदवार को चुनाव में वोट देने का मन बना चुके हैं। यह सर्वे चुनावी माहौल, जनता का मूड और संभावित रुझान दिखाने की कोशिश करते हैं। लेकिन इस सर्वे में एक बड़ी समस्या यह होती है कि लोगों का मन आखिरी समय तक बदल सकता है। कई बार लोग सर्वे में सही जवाब भी नहीं देते या फिर अपनी पसंद छुपाते हैं। इसलिए ओपिनियन पोल को महज अनुमान माना जाता है, पक्की भविष्यवाणी नहीं।

क्या होता है एग्जिट पोल?

एग्जिट पोल ओपिनियन पोल के उलट होता है। यह सर्वे वोटिंग खत्म होने के बाद किया जाता है। जब लोग वोट डालकर बाहर निकलते हैं, तब उनसे पूछा जाता है कि उन्होंने किसे वोट दिया है। चूंकि ये असली वोटिंग के तुरंत बाद किया जाता है, इसलिए इसे ओपिनियन पोल से अधिक भरोसेमंद माना जाता है।

एग्जिट पोल कितने सही होते हैं?

चुनावी इतिहास बताता है कि कई बार एग्जिट पोल बिल्कुल सटीक तो कई बार पूरी तरह गलत भी साबित हुए हैं। छोटा सैंपल साइज, ग्रामीण-शहरी वोटर्स में अंतर और मतदाताओं का गलत जवाब देना, जैसे कारणों से नतीजे प्रभावित होते हैं।

असली चुनाव नतीजे क्या होते हैं?

हालांकि असली नतीजे तो चुनाव आयोग की तरफ से वोटों की काउंटिंग के बाद ही घोषित किए जाते हैं। इसी को अंतिम और आधिकारिक परिणाम माना जाता है, जो कई बार ओपिनियन पोल और एग्जिट पोल से बहुत अलग होते हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि ये दोनों ही सिर्फ अनुमान होते हैं, जबकि चुनाव परिणाम वास्तविक आंकड़े होते हैं।