

West Bengal Assembly Elections VVPAT Slips: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आज यानी 4 मई को आने वाले है। थोड़ी ही देर में वोटों की गिनती शुरू की जाएगी। राज्य में वोटों की गिनती से ठीक एक दिन पहले एक गंभीर मामला सामने आया है। नोआपारा विधानसभा के बूथ नंबर 29 की VVPAT पर्चियां कथित तौर पर मध्यमग्राम विधानसभा की इछापुर नीलगांज पंचायत के सुभाषनगर में फेंकी हुई मिलीं। इससे चुनाव की प्रक्रिया पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया।
VVPAT की पर्चियां कचरे में मिलने से नोआपारा विधानसभा क्षेत्र में हड़कंप मच गया। इस सीट से CPIM की उम्मीदवार गार्गी चटर्जी और पुलिस मौके पर पहुंचे। इस सीट से तृणमूल कांग्रेस के त्रिनांकुर भट्टाचार्जी और भारतीय जनता पार्टी के अर्जुन सिंह भी विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं।
VVPAT पर्चियां कथित तौर पर मध्यमग्राम विधानसभा की इछापुर नीलगांज पंचायत के सुभाषनगर में फेंकी हुई मिलीं।
उत्तर 24 परगना इस सीट से CPIM की उम्मीदवार गार्गी चटर्जी मौके पर पहुंची। गार्गी चटर्जी ने कहा, चुनाव आयोग की हालत यह है। यह 'निर्वाचन' आयोग नहीं है। यह तो 'निर्जतन' (अत्याचारी) आयोग है। यहां मेरे नाम की कुछ पर्चियां, BJP की कुछ पर्चियां और TMC उम्मीदवार की दो-तीन पर्चियां पड़ी हुई हैं।
गार्गी चटर्जी ने मतदान से VVPAT के जुड़े होने का खुलासा करते हुए कहा हमारी पार्टी के एक कार्यकर्ता ने इसे यहां देखा। उसने मुझे बुलाया। हमने CEO को फ़ोन किया, लेकिन उनके पास CPIM के लिए समय नहीं है। हम जांच की मांग करेंगे, और जब तक वे हमें EVM यूनिट नहीं दिखा देते, तब तक वोटों की गिनती शुरू नहीं हो सकती। ज़्यादातर पर्चियां मेरे ही नाम की हैं। मैं इसे चुनाव आयोग की गलती कहूंगी।
उत्तरी 24 परगना के ज़िला निर्वाचन अधिकारी ने ट्वीट कर इस मामले पर बयान जारी किया।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि, जांच करने पर यह पाया गया है कि दिखाई गई VVPAT पेपर पर्चियां मतदान के दिन से पहले किए गए एक मॉक पोल (अभ्यास मतदान) से संबंधित हैं, न कि मतदान के दिन हुए वास्तविक मतदान से। इस मामले में विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है, और सत्यापन तथा आवश्यक कार्रवाई के लिए एक औपचारिक शिकायत भी दर्ज करा दी गई है।