

ECINET Counting Center Security: भारत निर्वाचन आयोग ने मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा बढ़ा दी है। किसी भी प्रकार की अनहोनी या ईवीएम से छेड़छाड़ न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए QR कोड के आधार पर पहचान-पत्र प्रणाली की शुरुआत की गई है।
आयोग ने मतगणना केंद्रों में किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति के प्रवेश की संभावना को समाप्त करने के लिए, भारत निर्वाचन आयोग ने ECINET पर QR कोड-आधारित फोटो पहचान-पत्र मॉड्यूल प्रारंभ किया है।
असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुदुचेरी की विधानसभाओं के आम चुनावों तथा 5 राज्यों के 7 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में हुए उप-चुनावों के लिए 4 मई, 2026 को होनेवाली मतगणना से शुरुआत किया जाएगा। इस प्रणाली को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के भविष्य में होने वाले सभी आम चुनावों और उप-चुनावों में भी लागू किया जाएगा।
यह पहल भारत निर्वाचन आयोग द्वारा पिछले एक वर्ष में की गई 30 से अधिक पहलों की श्रृंखला की निरंतरता में है, जिसमे BLOs के लिए मानकीकृत QR कोड-आधारित फोटो पहचान-पत्र की शुरुआत की गई। मतगणना केंद्रों पर पहचान के सत्यापन के लिए एक तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था निर्धारित की गई है। पहले और दूसरे स्तर पर, RO द्वारा जारी किए गए फोटो पहचान-पत्र की जांच स्वयं सुरक्षाकर्मियों द्वारा की जाएगी। तीसरे और मतगणना कक्ष के निकटतम सुरक्षा घेरे में, केवल QR कोड की स्कैलिंग करके सफल सत्यापन करने के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
ये नए QR कोड-आधारित फोटो पहचान-पत्र उन श्रेणियों के व्यक्तियों पर लागू होंगे, जिन्हें भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा मतगणना केंद्रों और हॉलों में प्रवेश करने के लिए अधिकृत किया गया है। इनमें रिटर्निंग अधिकारी, सहायक रिटर्निंग अधिकारी, मतगणना स्टाफ, तकनीकी कार्मिक, उम्मीदवार, पोलिंग एजेंट और मतगणना एजेंट आदि शामिल हैं।
अधिकृत मीडियाकर्मियों की सुविधा के लिए, सभी वोटिंग सेंटर में मतगणना कक्ष के पास एक मीडिया सेंटर स्थापित किया जाएगा। मीडियाकर्मियों को प्रवेश, आयोग के मौजूदा आदेशों के अनुसार आयोग द्वारा जारी ऑथोरिटी लेटर के आधार पर, जारी रहेगा।
जिला निर्वाचन अधिकारियों और रिटर्निंग अधिकारियों को इस प्रणाली के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें निर्बाध और सुरक्षित प्रवेश पर नियंत्रण सुनिश्चित करने हेतु निर्धारित चेक पॉइंट्स पर प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती करना भी शामिल है।
सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों, रिटर्निंग अधिकारियों और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मतगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता, सुरक्षा और दक्षता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए इन अनुदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है।