90 लाख वोट कटने से कैसे ढह गया TMC का किला? SIR ने खत्म किया ममता का 'खेला', आंकड़ों से समझें पूरा गणित

Bengal Election Result: चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट से फर्जी, मृत या फिर राज्य छोड़कर जा चुके लोगों के नाम हटाने के लिए SIR किया था। पश्चिम बंगाल में SIR के बाद लगभग 90 लाख से अधिक नाम हटा दिए गए थे।
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सांकेतिक तस्वीर (AI Image)
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Voter List Revision Impact in Bengal Elections: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित हो गए हैं। एक तरफ ममता बनर्जी चुनावी नतीजों को स्वीकार करने से इनकार कर रही हैं। दूसरी तरफ भगवा पार्टी नई सरकार बनाने की तैयारी कर रही है। बंगाल में ममता बनर्जी का 15 साल पुराना शासन खत्म हो गया है। ममता बनर्जी की खुद की भवानीपुर सीट भी चली गई है। टीएमसी की इस हार और भाजपा की जीत में एक खास पैटर्न भी देखने को मिला है। ये पैटर्न वोटर लिस्ट के स्पेशल रिवीजन यानी SIR से जुड़ा हुआ है...

90 लाख वोट कटने से TMC को नुकसान

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट से फर्जी, मृत या फिर राज्य छोड़कर जा चुके मतदाताओं के नाम हटाने के लिए अभियान चलाया था। पश्चिम बंगाल में SIR के बाद लगभग 90 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए थे। अब चुनाव के नतीजे आने के बाद पता चला है कि इसका सीधा नुकसान ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को उठाना पड़ा है।

25 हजार से ज्यादा वोट कटने वाली सीटों का हाल

चुनाव आयोग द्वारा चलाए गए एसआईआर के तहत 147 विधानसभा क्षेत्रों में 25 हजार से ज्यादा वोटरों के नाम काटे गए थे। अब चुनावी नतीजे बताते हैं कि इन क्षेत्रों में TMC को नुकसान हुआ है और भाजपा ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है। हमारे एनालिसिस से पता चलता है कि इन 147 सीटों में से 95 सीटें भाजपा के खाते में गई हैं। वहीं ममता बनर्जी की TMC के हाथ 51 सीटें ही आई हैं। वहीं, कांग्रेस के खाते में महज 1 सीट आई है।

जहां 15-25 हजार वोट कटे

चुनाव आयोग द्वारा चलाए गए एसआईआर में 67 सीटें ऐसी रहीं, जिनमें 15 हजार से 25 हजार वोटरों के नाम काटे गए थे। अब विधानसभा चुनाव के नतीजों में इन सीटों पर भी भाजपा विजेता बनकर सामने आई है। आंकड़ों की बात करें तो इन 67 में से 47 सीटों पर भगवा पार्टी ने परचम लहरया है। टीएमसी को महज 19 सीटों पर जीत मिली है। वहीं कांग्रेस के खाते में भी एक सीट गई है।

5-15 हजार वोट हटाए गए सीटों का हाल

SIR में 62 सीटें ऐसी थीं, जहां 5 हजार से 15 हजार के बीच वोटरों के नाम कटे थे। इन सीटों के चुनावी नतीजों की बात करें तो यहां भाजपा ने 50 सीटों पर जीत हासिल की है। वहीं बाकी सीटों पर टीएमसी ने जीत दर्ज की है।

5 हजार से कम वोट कटने वाली सीटें

बात करें 13 विधानसभा क्षेत्रों की वोटर लिस्ट की जहां 5 हजार से कम नाम काटे गए थे, वहां भाजपा को बंपर फायदा हुआ है। भाजपा ने इन सभी सीटों पर जीत दर्ज की है। इन

3 जिलों में कटे थे सबसे ज्यादा नाम

बता दें कि वोटर लिस्ट के सत्यापन की प्रक्रिया में सबसे ज्यादा 'हटाने योग्य' नाम मुर्शिदाबाद जिले में मिले थे। यहां 4.55 लाख से अधिक वोटरों के नाम काटे गए। इसके बाद उत्तर 24 परगना से 3.25 लाख और तीसरे नंबर पर मालदा से 2.39 लाख से अधिक नाम हटाए गए थे।

वोट कटने की श्रेणी कुल सीटें BJP TMC कांग्रेस
25,000+ वोट कटे 147 95 51 1
15,000–25,000 वोट कटे 67 47 19 1
5,000–15,000 वोट कटे 62 50 12 0
5,000 से कम वोट कटे 13 13 0 0

इन जिलों में TMC का क्या हाल

  • एसआईआर में 4.55 लाख से अधिक नाम काटे जाने वाले जिले मुर्शिदाबाद में टीएमसी ने 2021 में 22 में से 20 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इस बार उसकी जीती सीटों की संख्या महज 9 रह गई है।
  • इसी तरह उत्तर 24 परगना में भी एसआईआर समीक्षा में 3,25,666 नामों पर कैंची चली थी। इस जिले में 2021 में टीएमसी ने 33 सीटों में से 28 सीटों पर जीत दर्ज की थी। लेकिन 2026 के चुनाव में वो महज 9 सीट पर सिमट कर रह गई।
  • ऐसे ही मालदा में एसआईआर में 2,39,375 वोटरों के नाम काटे गए थे। 2021 में टीएमसी को यहां 12 में से 8 सीटों पर जीत मिली। इस बार के चुनाव में TMC यहां 6 सीटों पर ही जीत हासिल कर पाई। बाकी सीटें भाजपा के खाते में गईं।
जिला 2021 सीटें (TMC) 2026 सीटें (TMC)
मुर्शिदाबाद 20 / 22 9
उत्तर 24 परगना 28 / 33 9
मालदा 8 / 12 6

टीएमसी ने लगाया था आरोप

तृणमूल कांग्रेस आरोप लगाती रही है कि एसआईआर का काम सुनियोजित तरीके से पूर्वाग्रह के साथ हुआ। TMC ने चुनाव से पहले ही आशंका जताई थी कि उसे इसका नुकसान होगा। नतीजों में नुकसान की आशंका सही साबित हुई है।

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