बंगाल चुनाव: टीएमसी कार्यकर्ता के बगीचे में मिला मौत का जखीरा; भारी तनाव के बीच 100 जिंदा बम बरामद

Bhangarh Bomb Recovery: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले दक्षिण 24 परगना के भानगढ़ में पुलिस ने टीएमसी कार्यकर्ता के घर के पीछे से 100 जिंदा बम बरामद किए हैं।
100 live bomb found in bengal
बंगाल में मिले 100 जिंदा बम, फोटो- सोशल मीडिया
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West Bengal Assembly Elections 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग से पहले राज्य में एक बार फिर हिंसा और बमबाजी की आशंका गहरा गई है। दक्षिण 24 परगना का भानगढ़ क्षेत्र अपनी राजनीतिक संवेदनशीलता के लिए जाना जाता है। रविवार की शाम को वहां भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए गए। इस घटना के बाद इलाके में दहशत और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उत्तर काशीपुर पुलिस स्टेशन को गुप्त सूचना मिली थी कि चेलेगो आलिया इलाके में कुछ संदिग्ध सामग्री छिपाई गई है। पुलिस ने जब एक तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता के घर के पीछे के बगीचे में छापेमारी की तो वहां एक थैला मिला। उस थैले को खोलने पर पुलिस के भी होश उड़ गए क्योंकि उसमें से एक-एक करके 100 नए और बेहद खतरनाक जिंदा बम बरामद हुए। पुलिस ने तुरंत पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और बम निरोधक दस्ते को बुलाया, जिन्होंने इन बमों को सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया।

आईएसएफ और टीएमसी में छिड़ी सियासी जंग

इस बरामदगी के बाद राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का खेल तेज हो गया है। इंडियन सेकुलर फ्रंट (ISF) ने सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा है। आईएसएफ का आरोप है कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने विपक्षी दलों को डराने और मतदान के दौरान अशांति फैलाने के इरादे से ये हथियार जमा किए थे।

वहीं दूसरी ओर, टीएमसी नेतृत्व ने इन आरोपों को एक साजिश करार दिया है। उनका दावा है कि आईएसएफ के कार्यकर्ताओं ने रात के अंधेरे में टीएमसी को बदनाम करने के लिए ये बम बगीचे में प्लांट किए और अब झूठे आरोप लगा रहे हैं।

भानगढ़ का हिंसक इतिहास और सुरक्षा की चुनौती

भानगढ़ विधानसभा क्षेत्र का इतिहास राजनीतिक झड़पों और बम विस्फोटों से भरा रहा है। पिछले कुछ दिनों से यहां वैसे ही तनाव का माहौल बना हुआ था और कल भी अशांति की कुछ घटनाएं हुई थीं। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में बमों का मिलना स्थानीय निवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा कर रहा है। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की गश्त बढ़ा दी है।

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