

कोल्हापुर: शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत कोल्हापुर से की। इस दौरान उन्होंने एकनाथ शिंदे व भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उद्धव ठाकरे ने कहा यह चुनाव महाराष्ट्र से प्रेम करने वालों और धोखा देने वालों के बीच है। उन्होंने पार्टी में 2022 में होने वाले विभाजन का भी उल्लेख किया।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि 20 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव को महाराष्ट्र से प्रेम करने वालों और इसे धोखा देने वालों के बीच की लड़ाई है। ठाकरे ने अपने पूर्व सहयोगी भाजपा और उसके सहयोगियों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग राष्ट्रीय पार्टी की मदद कर रहे हैं, वे महाराष्ट्र के दुश्मन हैं।
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मतदाताओं से कई वादे किए, जिनमें विपक्षी महा विकास अघाड़ी के सत्ता में आने पर हर जिले में छत्रपति शिवाजी महाराज का मंदिर बनाने का वादा भी शामिल है।
कोल्हापुर जिले के राधानगरी में विधानसभा चुनावों की अपनी पहली रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग राज्य से प्यार करते हैं वे विपक्षी एमवीए के साथ जुड़े हुए हैं जिसमें शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) शामिल हैं।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि भाजपा की मदद करने वाले “राज्य के दुश्मन” हैं। अपने एक समय के सहयोगी पर हमला करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा पर महाराष्ट्र को गुजरात के हाथों बेचने का आरोप लगाया, जहां वह सत्ता में है। राधानगरी प्रकाश आबिटकर का निर्वाचन क्षेत्र है जो उनके नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह करने वाले 40 शिवसेना विधायकों में से एक हैं।
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ने दावा किया कि उनकी सरकार जून 2022 में इसलिए गिरा दी गई क्योंकि उन्होंने भाजपा को महाराष्ट्र को नुकसान नहीं पहुंचाने दिया। उन्होंने कहा कि जब उनके नेतृत्व में एमवीए सत्ता में थी तो एक भी औद्योगिक परियोजना राज्य से बाहर नहीं गई।
शिवसेना में टूट के समय बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग को लेकर उनकी पार्टी द्वारा उच्चतम न्यायालय में दायर याचिकाओं का जिक्र करते हुए उद्धव ठाकरे ने इस बात पर जोर दिया कि उन्हें अब भी शीर्ष न्यायपालिका से न्याय नहीं मिला है और इसलिए वह न्याय के लिए जनता की अदालत में आए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि “मैं अपने लिए नहीं, बल्कि आपके और महाराष्ट्र के लिए लड़ रहा हूं।” उन्होंने भाजपा पर सत्ता के लिए लोगों को धर्म और जाति के आधार पर बांटने की कोशिश करने का आरोप लगाया। राज्य की एकनाथ शिंदे नीत सरकार पर हमला करते हुए ठाकरे ने आरोप लगाया कि सरकार “कमीशन” पर काम करती है। शिंदे ने ठाकरे नीत एमवीए सरकार के पतन के बाद सत्ता संभाली थी।
उद्धव ठाकरे ने वादा किया कि अगर एमवीए सत्ता में आती है तो महाराष्ट्र के हर जिले में छत्रपति शिवाजी महाराज का मंदिर बनाया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि एमवीए के सत्ता में आने के बाद चावल, दालें, तेल और चीनी जैसी आवश्यक खाद्य वस्तुओं की दरें स्थिर कर दी जाएंगी।
(एजेंसी इनपुट के साथ)