एम.के. स्टालिन: आपातकाल की सलाखों से मुख्यमंत्री के चुनाव तक; 'कलैगनार' की विरासत और खुद की पहचान की कहानी

M.K. Stalin Biography: तमिलनाडु के सीएम एम.के. स्टालिन पिता एम. करुणानिधि की विरासत को संभालने के साथ-साथ उन्होंने एक साधारण कार्यकर्ता से मेयर और फिर राज्य के सर्वोच्च पद तक का सफर तय किया है।
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पीएम मोदी के साथ स्टालिन, फोटो- सोशल मीडिया
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Tamil Nadu Election 2026: तमिलनाडु की राजनीति में मुथुवेल करुणानिधि स्टालिन एक ऐसा नाम हैं, जिन्होंने दशकों तक अपने पिता और द्रविड़ राजनीति के दिग्गज एम. करुणानिधि की छाया में काम किया, लेकिन अपनी मेहनत से खुद को एक जननेता के रूप में स्थापित किया।

1 मार्च 1953 को जन्मे स्टालिन का नामकरण भी काफी दिलचस्प है; उनके जन्म के चार दिन बाद सोवियत नेता जोसेफ स्टालिन का निधन हुआ था, जिसकी शोक सभा में करुणानिधि ने अपने बेटे का नाम उनके नाम पर रखने का निर्णय लिया। आज वे न केवल द्रमुक के अध्यक्ष हैं, बल्कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में राज्य की कमान संभाल रहे हैं।

जब 'बेटे' से 'नेता' बने स्टालिन

स्टालिन का राजनीतिक करियर महज 14 साल की उम्र में चुनाव प्रचार से शुरू हो गया था। हालांकि, उनकी असली राजनीतिक पहचान 1975 के आपातकाल के दौरान बनी। उन्हें मीसा अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया और जेल में उनके साथ काफी क्रूर व्यवहार किया गया।

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इस घटना ने उन्हें केवल 'करुणानिधि के बेटे' की पहचान से बाहर निकालकर एक जुझारू नेता के रूप में स्थापित किया और वे मानवाधिकारों के प्रबल समर्थक बन गए। 1989 में वे पहली बार चेन्नई की थाउजेंड लाइट्स सीट से विधायक चुने गए, जहां से वे कुल 6 बार विधानसभा पहुंचे।

चेन्नई के मेयर से उपमुख्यमंत्री तक का सफर

एम.के. स्टालिन ने खुद को एक कुशल प्रशासक के रूप में चेन्नई के मेयर रहते हुए साबित किया। स्टालिन की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए 2009 में उन्हें तमिलनाडु का पहला उपमुख्यमंत्री बनाया गया। 2018 में अपने पिता के निधन के बाद, उन्होंने पार्टी की जिम्मेदारी संभाली और 2021 के विधानसभा चुनाव में 'धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन' को शानदार जीत दिलाकर मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री के रूप में कार्यशैली रही हिट!

7 मई 2021 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद स्टालिन ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान अस्पतालों का दौरा कर स्थिति संभाली और आर्थिक सुधारों के लिए विशेष परिषद का गठन किया। उनके कार्यकाल में सभी जातियों के प्रशिक्षित उम्मीदवारों को मंदिर का पुजारी नियुक्त करने का ऐतिहासिक आदेश दिया गया, जो उनके सामाजिक न्याय के दृष्टिकोण को दर्शाता है। इसके अलावा, 'मुख्यमंत्री नाश्ता योजना' और 'ग्रीन तमिलनाडु मिशन' जैसी योजनाओं ने उन्हें देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्रियों की सूची में टॉप पर पहुंचाया है।

कैसा है स्टालिन का निजी जीवन?

स्टालिन की शादी दुर्गा स्टालिन से हुई है और उनके दो बच्चे हैं, जिनमें उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन वर्तमान में एक राजनेता और अभिनेता हैं। राजनीति के अलावा स्टालिन को क्रिकेट, बैडमिंटन और शतरंज जैसे खेलों में गहरी रुचि है। 2021 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति लगभग 8.89 करोड़ रुपये है। अपनी समावेशी और न्यायसंगत विचारधारा के साथ, वे आज द्रविड़ आंदोलन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं।

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