जातीय समीकरणों के चक्कर में हिंदुत्व से दूर न जाएं, विधानसभा चुनाव के लिए RSS की बीजेपी को सलाह

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी को सफलता दिलाने की रणनीति पर संघ ने काम करना शुरू कर दिया है। इन्हीं प्रयासों के तहत संघ ने बीजेपी को सुझाव दिया है कि वोट के लिए जातीय समीकरण बनाने के दौरान हिंदुत्व की विचारधारा से दूर न जाएं।
जातीय समीकरणों के चक्कर में हिंदुत्व से दूर न जाएं, विधानसभा चुनाव के लिए RSS की बीजेपी को सलाह
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मुंबई: लोकसभा चुनाव में खासकर महाराष्ट्र में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद बीजेपी एक बार फिर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की शरण में पहुंच गई है। बीजेपी के शीर्ष नेताओं के प्रयासों के कारण आरएसएस भी एक बार फिर से बीजेपी की मदद को तैयार हो गया है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी को सफलता दिलाने की रणनीति पर संघ ने काम करना शुरू कर दिया है। इन्हीं प्रयासों के तहत संघ ने बीजेपी को सुझाव दिया है कि वोट के लिए जातीय समीकरण बनाने के दौरान हिंदुत्व की विचारधारा से दूर न जाएं।

राज्य में विधानसभा चुनाव और चुनावी आचार संहिता की घोषणा जल्द ही होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। राज्य की सभी पार्टियां चुनावी तैयारियों में जोर शोर जुट गई हैं। इस पृष्ठभूमि में संघ बीजेपी की मदद के लिए आया है। लोकसभा में बीजेपी को लगे झटके के बाद संघ ने बीजेपी को विधानसभा चुनाव में सफलता हासिल करने के लिए कुछ अहम सुझाव दिए हैं।

अतुल लिमये की मौजूदगी में हुई बैठक

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा बीजेपी को दिए गए सुझावों में टिकट आवंटन, मूलनिवासी कार्यकर्ता, हिंदुत्व और सामाजिक समीकरण सहित 6 महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं। सरकार्यवाह अतुल लिमये की मौजूदगी में हुई बैठक में संघ के पदाधिकारियों के साथ-साथ बीजेपी के मौजूदा विधायक, इच्छुक उम्मीदवार एवं प्रमुख पदाधिकारी मौजूद थे। इस बैठक में संघ ने उन सामाजिक समीकरणों की ओर बीजेपी का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया जिन्हें बीजेपी नजरअंदाज कर रही है।

ये हैं अहम सुझाव

  • विधानसभा का टिकट देते समय पार्टी को शिखर तक पहुंचाने वाले मूल कार्यकर्ताओं की अनदेखी न करें।
  • लोकसभा से सबक लेते हुए विधानसभा चुनाव में अधिक सक्रियता से करें काम।
  • यदि विपक्ष सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों के जरिए जनता में भ्रम पैदा कर रहा है तो सबूत के साथ इसका जवाब दें।
  • इसके साथ ही जिन बूथों पर पार्टी की ताकत है, वहां वोटिंग प्रतिशत 60 फीसदी तक बढ़ाएं।
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