

PM Modi Bengal Rally: पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्धमान में चुनावी पारा अपने चरम पर है। कटवा की धरती से जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता को संबोधित किया, तो उन्होंने राजनीति ही नहीं, लोगों को बंगाल के भविष्य का एक खाका भी दिखाया।
प्रधानमंत्री ने "भय के माहौल" को "भरोसे" में बदलने की बात कही है। पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल की जनता अब उस डर से मुक्ति चाहती है जिसने दशकों से विकास की रफ्तार को रोक रखा है। इसके साथ ही पीएम ने बंगाल की जनता से कई वादे भी किए।
प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि यदि भाजपा की सरकार बनती है, तो पिछले 15 वर्षों के शासनकाल में हुई अनियमितताओं और अपराधों पर एक विस्तृत 'श्वेत पत्र' जारी किया जाएगा। यह दस्तावेज टीएमसी के कार्यकाल में हुई कथित धांधलियों की पोल खोलेगा।
इसके साथ ही, बंगाल की रग-रग में बस चुकी राजनीतिक हिंसा को जड़ से मिटाने के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में जांच आयोग बनाने का प्रस्ताव रखा है। उनका मानना है कि सिंडिकेट राज और रेत खनन जैसे अवैध कब्जों ने बंगाल की कानून-व्यवस्था को खोखला कर दिया है, जिसे अब पारदर्शी टेंडर प्रणाली से बदला जाएगा।
प्रधानमंत्री ने आर्थिक सशक्तिकरण का एक ऐसा गणित पेश किया है, जो सीधे तौर पर रसोई और खेती के बजट को राहत देगा। उन्होंने बताया कि जूट का न्यूनतम समर्थन मूल्य जो कभी 2,400 रुपये से नीचे था, उसे अब बढ़ाकर 5,500 रुपये से अधिक कर दिया गया है। सबसे आकर्षक घोषणा किसानों के लिए रही, जिन्हें 'डबल इंजन' सरकार के तहत सालाना 9,000 रुपये की सम्मान निधि मिलेगी।
इसमें 6,000 रुपये केंद्र से और 3,000 रुपये राज्य की भाजपा सरकार से आएंगे। वहीं, राज्य की महिलाओं के लिए हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक मदद की गारंटी दी गई है, ताकि वे स्वावलंबन के साथ अपना जीवन जी सकें।
युवाओं के लिए भी प्रधानमंत्री मोदी की झोली में बहुत कुछ था। उन्होंने उन युवाओं के दर्द को समझा जो भर्ती प्रक्रियाओं में हुई देरी और कथित भ्रष्टाचार के कारण सरकारी नौकरी के लिए निर्धारित उम्र सीमा पार कर चुके हैं। मोदी ने वादा किया कि ऐसे युवाओं को उम्र में विशेष छूट दी जाएगी और सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों को युद्ध स्तर पर भरा जाएगा। पश्चिम बंगाल में भी अन्य भाजपा शासित राज्यों की तरह नियमित रूप से 'रोजगार मेले' आयोजित किए जाएंगे।